संभल (उ.प्र.) : मंदिर-मस्जिद में लाउडस्पीकर पर रोक लगा दी गई ऐसे में मस्जिद पर माइक और लाउडस्पीकर बजाने पर पुलिस प्रशासन ने एक इमाम पर बड़ी कार्यवाही करते हुए इमाम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इमाम पर ये कार्यवाही शांति भंग करने के मामले में की है। इमाम को पहले हिरासत में लेकर पूछताछ की गई वहीं एसडीएम ने इमाम को दो लाख रुपये पाबंद कर दिया है। इस घटना को लेकर आपको बता दें कि बीते दिनों एएसपी श्रीश चंद्र और सीओ अनुज चौधरी ने सदर कोतवाली में सभी धर्मों के धर्मगुरुओं के साथ बातचीत करके सभी धर्म स्थलों से माइक और लाउडस्पीकर उतारने की बात कही थी और इस बात पर सभी सहमत हो गए थे, जिसके बाद यह घटना सामने आई है।
आदेश के बाद भी बजाया लाउडस्पीकर :
इस मामले में एएसपी ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए साफ किया कि किसी भी धर्मस्थल पर माइक और लाउडस्पीकर नहीं बजेगा अगर कोई आदेश का पालन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जायेगी, नियमों के अनुसार 55 डेसिबल से ज्यादा ध्वनि नहीं होनी चाहिये ऐसे में लाउडस्पीकर की ध्वनि काफी ज्यादा होती है। इस आदेश के बीच शुक्रवार को सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोट गर्वी स्थित एक धर्म स्थल पर अपर पुलिस अधीक्षक श्रीश चंद्र और सीओ अनुज चौधरी ने जुम्मे की नमाज़ को लेकर गश्त के दौरान माइक और लाउडस्पीकर की आवाज सुनी तो दौड़ते हुए वहां पहुंचे। उसके बाद उस मस्जिद के इमाम को तलब करते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया है।
इमाम को पहले गिरफ्तार किया और फिर रिहा भी किया गया :
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पुलिस ने आदेश की अवहेलना और शांति भंग मामले में कार्यवाही करते हुए इमाम का चालान कर दिया। इस मामले में संभल एसडीएम डॉक्टर वंदना मिश्रा ने बताया कि लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध है लेकिन संभल की अनार वाली मस्जिद पर तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाया गया। इसलिए इस मामले में मस्जिद के इमाम तहजीब को दो लाख रुपए से पाबंद किया गया है। साथ ही उनपर धारा 151 तहत कार्यवाही की गई है। उनसे पूछताछ के बाद नसीहत देकर मौके पर ही फिर उन्हें जमानत दे दी गई। वहीँ आपको बता दें की दंगे – फसाद को रोकने के लिये संभल में ऐहतियात के तौर पर लाउडस्पीकर उतरवाये गये है।



