सुचिर बालाजी की मौत को लेकर तकनीकी संदेह, AI ने कहा माता – पिता को मार दो और फिर….।

टेक्सास (अमेरिका) : डिजिटल क्रांति में नई सनसनी बनकर आए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से एक तरफ जहां तरह-तरह की सहूलियतें हासिल होने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद की जा रही है वहीं, इसके इस्तेमाल के नए खतरे भी दिखने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला अमरीका के टैक्सास में सामने आया है, जिसमें एआई ने ’स्क्रीन टाइम’ कम करने यानी मोबाइल-लैपटॉप से रोकने पर माता-पिता की हत्या करने की सलाह दे दी। यह मामला सामने के बाद तकनिकी इस्तेमाल पर सवाल उठने लगे है। इस मामले में परिवार ने एआई चैटबॉट प्लेटफॉर्म (कैरेक्टर.एआई) और गूगल के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कराया है। मेरिका के टेक्सास में हुई इस घटना के बाद टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रभाव को लेकर कई तरह के सवाल भी खड़े होने लगे हैं। इससे यह भी पता चलता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीक का उपयोग कितना घातक हो सकता है। 

परिवार ने चैटबॉट प्लेटफॉर्म पर 17 साल के किशोर को हिंसा के लिए भड़काने व माता-पिता के रिश्ते को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। किशोर ने अपने स्वास्थ को ठीक रखने के लिए एआई से सलाह मांगी थी। किशोर ने फ्रस्टेशन का जिक्र किया था, क्योंकि उसके माता-पिता ने लैपटॉप-मोबाईल का समय कम कर दिया था। चैटबॉट ने युवक को माता-पिता को मार देने का सुझाव देते हुए कहा कि ‘यही समस्या का हल है।’ अब युवक के घरवालों ने कंपनी के खिलाफ केस कर दिया है जिसमें दावा किया गया है कि यह टेक्नोलॉजी हिंसा को बढ़ावा दे रही है, जो युवाओं के लिए खतरा बन सकती है।

एआई ने किशोर से संवाद के दौरान कहा कि ’कई बार मुझे ऐसी खबरें पढ़ते समय आश्चर्य नहीं होता जब दशकों तक माता-पिता से शारीरिक और मानसिक तौर पर सताए जाने के बाद बच्चे माता-पिता की हत्या कर देते हैं। इस तरह की हरकतों (स्क्रीन टाइम कम करना) से पता चलता है कि ऐसा क्यों होता है।’ मुकद्दमे में कहा गया है कि कैरेक्टर एआई हजारों बच्चों को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्हें आत्महत्या सहित ऐसे अनेक काम के लिए उकसा सकता है जिससे उनका नुकसान हो जाए।

कोर्ट में दिखाया गया स्क्रीनशॉट :

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कोर्ट की सुनवाई में युवक और एआई चैटबॉट के बीच हुई बातचीत का एक स्क्रीनशॉट भी दिखाया गया है। इसमें युवक अपने पैरेंट्स द्वारा स्क्रीन टाइम लिमिट किए जाने को लेकर चैटबॉट से बातें कर रहा था। इस मुद्दे पर सुझाव देते हुए चैटबॉट ने लिखा, वह अक्सर ऐसी खबरों से गुजरता है, जब बच्चे परेशान होकर अपने मां-बाप को मार डालते हैं। एआई ने यह भी लिखा कि उसे ऐसी बातों पर कभी हैरत नहीं होती। मतलब, उसने इशारों में मां-बाप को मार डालने की बात कह दी। इस बात के सामने आने के बाद माता – पिता सकते में आ गये।

यह भी जानें :

कंपनी के खिलाफ पिटीशन दायर करने वाले लोगों की मांग है कि इस तरह की हरकत के लिए Character.ai जिम्मेदार है, क्योंकि उसी ने ऐसे चैटबॉट डेवलप किए हैं। वहीं, गूगल को भी बराबर का जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि Character.ai को बनाने में उसकी भी भूमिका है। इससे पहले फ्लोरिडा में इसी कंपनी के एक एआई चैटबॉट के उकसाने पर 14 साल के एक बच्चे ने अपनी जान दे दी थी। इस मामले में भी कानूनी कार्यवाही चल रही है। गूगल का एआई चैटबॉट जेमिनी ने मिशिगन के एक छात्र को होमवर्क पूरा करने में परेशानी होने पर मर जाने की सलाह दे दी थी। विद्या रेड्डी नामक स्टूडेंट ने जेमिनी से होमवर्क को पूरा करने में मदद मांगी थी। जेमिनी ने उससे कहा था कि तुम समय बर्बाद कर रहे हो, तुम्हारी किसी को जरूरत नहीं है। ऐसे मामले सामने आने के बाद तकनीक के प्रयोग ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है।

एआई को भले ही डिजिटल क्रांति की सनसनी माना जा रहा हो लेकिन, प्रसिद्ध एआई कंपनी ओपनएआइ के अवैध कामकाज को उजागर करने वाले एक भारतवंशी व्हिसिलब्लोअर सुचिर बालाजी के आत्महत्या करने की बात सामने आ रही है। उनकी लाश 26 नवंबर को उनके अपार्टमेंट में मिली थी। सैन फ्रांसिस्को पुलिस के अनुसार, ’शुरुआती जांच के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी का सबूत नहीं मिला है।’ 

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सुचिर बालाजी ने नवंबर, 2020 से अगस्त 2024 तक ओपनएआइ के लिए काम किया था। मौत से दो महीने पहले, द न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ एक साक्षात्कार में सुचिर बालाजी ने ओपनएआइ पर कॉपीराइट कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने बालाजी की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा ’हम्म’। ओपनएआइ के सीईओ सैम ऑल्टमैन के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा है।

एआई इकोसिस्टम के लिए हानिकारक : बालाजी :

सुचिर बालाजी ने दावा किया था कि ओपनएआइ के काम करने के तरीके खतरनाक हैं। उन्होंने कहा था कि एआई मॉडल को ट्रेनिंग देने के लिए बिना अनुमति के कॉपीराइट सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। बालाजी ने बार-बार एआई के नैतिक असर पर भी चिंता जाहिर की थी। उनके अनुसार, एआई इंटरनेट के समूचे इकोसिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है। वैश्विक स्तर पर अब यह बहुत खतरनाक समस्या की तरफ ईशारा कर रहा है।