बलरामपुर : छत्तीसगढ़ में शांत माहौल को देखकर कई अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों और अवैध प्रवासियों ने ग्रामीण क्षेत्रों और जंगली क्षेत्रों में अपने ठिकाने बना लिये है, जो कि देश के साथ राज्य की सुरक्षा के लिये भी चिन्ता का विषय है। ऐसे में बलरामपुर जिले में 9 संदिग्ध लोगों की पहचान हुई है। ये लोग बिना किसी वैध दस्तावेज के अवैध रूप से निवास कर रहे थे। वहीं पकड़े गए संदिग्ध लोगों पर रामानुजगंज पुलिस ने कानूनी कार्यवाही करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश किया। इस दौरान पुलिस ने बताया कि, जिले में अवैध रूप से रहने वाले लोगों की जांच जारी रहेगी। इसी बीच ऐसे ही कई अवैध प्रवासियों को जानकारी पुलिस वालों तक पहुँच रही है।
दरअसल, जिले में बढ़ते अपराध को लेकर पुलिस विभाग पूरी तरह से सतर्क हो चुकी है। ऐसे में पुलिस विभाग की तरफ से एक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत बाहरी व्यक्ति जो बिना अनुमति बिना कोई वह दस्तावेज की जिले में निवास कर रहे हैं उनकी कड़ाई से जांच की जा रही है। इसी अभियान के तहत रामानुजगंज थाना क्षेत्र क्षेत्र में रहने वाले 9 संदिग्ध व्यक्तियों की अभी तक पहचान की जा चुकी है। अधिकांश अपराधों में बाहरी तत्वों का ही हाथ होता है, जो अपराधों को अंजाम देकर निकल जाते है।
जिले में आई अवैध प्रवासियों की बाढ़ :
इधर अंबागढ़ चौकी जिले में दो दर्जन से अधिक संदिग्ध लोगों की पहचान की गई थी। वहीं इस मामले की गंभीरता को देखते ही पुलिस कप्तान यशपाल सिंह के निर्देश में संदिग्ध व्यक्ति और उन्हें पनाह देने वाले मकान मालिकों पर सख्त कार्यवाही करने का निर्देश जारी किया था। बाहरी तत्व और संदिग्ध लोगों पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन क्षेत्र में अभियान चला रही है। अभियान के दौरान थाना मोहला क्षेत्रान्तर्गत बिना अनुमति से किराये के मकान में रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की जा रही है। साथ ही संदिग्ध लोगों की अपराधिक पृष्ठभूमि भी खंगाली जा रही है। सभी को लेकर पुलिस की जांच की जा रही है।
संदिग्ध लोगों की जानकारी देने की पुलिस ने की अपील :
पुलिस विभाग ने अब मकान मालिकों से अपील की है कि, किरायेदारों की और उनका पूरा विवरण थाने में प्रदान करे। जिससे समय रहते उनकी अपराधिक रिकॉर्ड और मूल निवास का पता चल सके। ऐसा न हो कि कोई अपराधी आपके घर में किराये में रहकर आपको ही नुकसान पहुंचाकर फरार हो जाए, अथवा किसी अपराधी द्वारा कोई काण्ड होने पर मकान मालिक भी कार्यवाही की जद में आ सकते है। इसलिए किरायेदारो की जानकारी थाना में उपलब्ध कराये और सुरक्षित रहे।
फेरी के बहाने निवास कर रहे थे संदिग्ध :
वहीँ नए जिले के निर्माण के साथ ही बड़ी संख्या में बाहरी और संदिग्ध लोगों की गतिविधि बढ़ रही है। मोहला- मानपुर, अंबागढ़- चौकी सहित आदिवासी वनांचल क्षेत्र के भीतरी इलाकों में बेहद संख्या में कंबल, गद्दा, कुर्सी टेबल, कबाडी, कपड़ा, बर्तन, जड़ी बूटी आदि फेरी वाले घूम रहे थे। वहीं ये लोग फेरी के बहाने अब जिले में आसानी से रहने भी लगे थे। धीरे – धीरे क्षेत्र में इनकी जान पहचान बढ़ने से लोग इन पर भरोसा भी करते है और विभिन्न अपराधों में शिकार भी बनते है।



