बिलासपुर : व्यस्तता के चलते छोटा सा काम करने में भी आदमी को बड़ा तनाव हो जाता है, ऐसे में लोग आपके रहन-सहन और दिनचर्या के आधार पर भी भी ठग सकते है, ऐसे में यह पहला मामला जानकारी में सामने आया है। मामला न्यायधानी का है, एक एलआईसी अफसर जागरूकता के अभाव में ठगी का शिकार हो गए। केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर फोन कर ठग ने कहा कि बैंक आ जाइए। जब अफसर ने व्यस्त होने की बात कही तो ऑनलाइन केवाईसी कराने की सलाह दी। ठग ने दस्तावेज लेकर ओटीपी पूछा और फिर अफसर के बताते ही उसके खाते से 28 लाख रु. पार हो गए। यह मामला सकरी थाना क्षेत्र का है।
सकरी पुलिस ने बताया कि नेचर सिटी निवासी जानसन एक्का भारतीय जीवन बीमा निगम के प्रशासनिक अधिकारी है। उनके पास 7 दिसंबर की दोपहर अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल पर बात कर रहे युवक ने खुद को एक्सिस बैंक व्यापार विहार बिलासपुर अधिकारी बताया और अकाउंट का केवाईसी अपडेट कराने के लिए बैंक बुलाया। आगे कहा कि अगर आप बैंक नहीं आना चाहते तो केवाईसी ऑनलाइन भी हो जाएगा। जिसके कारण सहूलियत को देखते हुये जानसन एक्का ठगी के जाल में फंसकर शिकार हो गये।
अफसर ने फोन पर दे दी गोपनीय जानकारी :
एक्का ऑनलाइन केवाइसी के लिए राजी हुए तो ठगों ने उन्हें दूसरे नंबर से वाट्सएप कॉल किया। एक्का ने उन्हें अपनी गोपनीय जानकारी, एटीएम कार्ड और पेन कार्ड नंबर सब बता दिया। इसके कुछ देर बाद उनका एटीएम कार्ड भी ब्लॉक हो गया।इस मामले में सामने आया कि अफसर ने उसी नंबर पर कॉल किया तो ठगों ने उनसे मोबाईल पर आया ओटीपी नंबर पूछ लिया। इस तरह केवाईसी और एटीएम ठीक होने का आश्वासन देते हुए कई बार ओटीपी पूछते रहे और अफसर बताते रहे। तब तक अफसर को ठगी की भनक नहीं लगी। जब उसे इस बात का अहसास हुआ तो वो लुट चुके थे।
बैंक पहुंचे तब पता चला ठगी का :
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यह घटना 10 दिसंबर सुबह की बताई गई है, जब ठगों ने बैंक से केवाईसी के बारे में पूछने कहा, जबकि बैंक खुलने का समय ही सुबह 11 बजे का होता है, जिस कारण कोई बैंक से जानकारी जुटा नहीं पाता। वहीँ जब एलआईसी अधिकारी अकाउंट और एटीएम की जानकारी लेने बैंक पहुंचे, तब उन्हें ठगी का पता चला। उनके खाते से न सिर्फ लोन लेकर खरीदारी की गई बल्कि उनके क्रेडिट कार्ड से खरीदी कर ली गई थी। साथ ही उनके खाते से रुपए भी ट्रांसफर किए गए हैं। बैंक अफसरों की सलाह पर वे थाने में शिकायत करने पहुंचे। पुलिस ने 16 दिसबर को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
ध्यान देने योग्य सावधानी :
- अनजान व्यक्ति जिसका नबर आपके मोबाईल पर सेव नही है, उसके साथ कभी भी कोई निजी जानकारी, बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, आधार कार्ड, पैन कार्ड फोटो आदि शेयर न करे।
- अनजान वेबसाइट एवं अनाधिकृत एप डॉउनलोड या सर्च करने से बचे।
- कम परिश्रम से अधिक लाभ कमाने अथवा रकम दुगना करने का झांसा देने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें। खुद को स्वयं होकर ठगों के पास न पहुचाएं।
- स्वयं की पहचान छुपाकर सोशल मीडिया फेसबुक, इन्स्टाग्राम, व्हाट्सएप इत्यादि के माध्यम से इंटीमेट (अश्लील लाइव चैट) करने से बचे।
- परीक्षा में अधिक अंकों से पास करा देने की झांसा देने वाले व्यक्तियों खासकर +92 नबरों से होने वाले साइबर फ्रॉड पर तत्काल नजदीकी थाना में अपनी शिकायत दर्ज करें।
- हेल्पलाइन नबर 1930 पर सपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
- https//cybercrime .gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
महामृत्युंजय मन्त्र, इसकी उत्पत्ति की कथा और महत्व के साथ , पूर्ण सुनना आवश्यक है: https://www.youtube.com/watch?v=L0RW9wbV1fA
इसके अलावा थोड़ी से तकलीफ उठाकर बैंकिंग सम्बंधित कोई भी काम बैंक जाकर ही करें, खता और एटीएम कार्ड यदि बंद भी हो गये तो क्या दिक्कत है, वो दुबारा शुरू भी हो जायेंगे।



