SBI के अधिकारियों ने किया बड़ा फर्जीवाड़ा, जानकर हो जायेंगे हैरान, ऐसे खातों से दिया घटनाओं को अंजाम….।

कवर्धा : कई बार कुछ घटनायें विश्वास करने के योग्य नहीं होती, लेकिन ऐसा भी हो सकता है, कि अपने ग्राहकों को ही किसी ठगी का शिकार बनाया हो, लेकिन एक ऐसा ही मामला SBI से जुड़ा हुआ सामने आया है। जानकारी सामने आई है कि कबीरधाम जिले के बोड़ला थाना पुलिस ने ठगी के मामले में एसबीआई कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। ये कर्मचारी पूर्व में बोड़ला के एसबीआई ब्रांच में कार्यरत थे। बोड़ला एसडीओपी अखिलेश कौशिक ने बताया कि डॉर्मेंट खातों से लाखों रुपए की ठगी मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। घटना के दौरान ये सभी चारों आरोपी एसबीआई बैंक बोड़ला में पदस्थ थे। इन सभी अधिकारियों पर आरोप है कि, इन्होने बंद पड़े खातों को दोबारा सक्रिय करके लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा किया है।

इसमें पीड़ित अशोक हटीले की शिकायत पर दर्ज मामले में बैंक कर्मचारी प्रतीक उइके ने एक डॉर्मेंट खाते के CIF नंबर में छेड़छाड़ कर मृतक दीपा अहिरवार के नाम से फर्जी आवेदन तैयार किया था। फिर RBI से राशि क्लेम कर ATM कार्ड जारी करवाकर 1 लाख 46 हजार रुपए निकाल लिए। इस मामले में प्रतीक उइके समेत संजय प्रकाश जरीके पिता स्व.बीरसिंह जरीके, निशांत कुमार पिता अखिलेश झा, सूरज शर्मा पिता जितेंद्र शर्मा के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 409 के तहत मामला दर्ज किया गया है। खाताधारकों के परिजनों को जब इस फर्जीवाड़े का पता चला तो उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की। जिसके बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ है।   

इसी प्रकार पीड़ित महिला मंगली बाई के डॉर्मेंट खाते से 82 हजार रुपए निकाले गए। मंगली बाई के नाम पर फर्जी ATM कार्ड बनवाया गया व 40 हजार रुपए नगद निकाले गए, जबकि 40 हजार रुपए फूल सिंह नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कर ग्रीन चैनल के माध्यम से निकाला गया। इसके अलावा छितर सिंह के फिक्स्ड डिपॉजिट  2 लाख 40 हजार रुपए को मंगली बाई के खाते में ट्रांसफर कर निकाला गया। 

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इस मामले में सूरज शर्मा पिता जितेंद्र शर्मा व निशांत कुमार पिता अखिलेश झा आरोपी है। प्रतीक उइके को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। आज 17 दिसंबर मंगलवार को आरोपी संजय प्रकाश जरीके, सूरज शर्मा, निशांत कुमार व अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। ये सभी गड़बड़ी बीते साल 2023 से पहले की गई है।

वहीँ जब इस मामले में पुलिस ने खोजबीन शुरू की तो पता चला कि, जो बैंक खाता सालों से बंद पड़े रहते हैं उसकी राशि आरबीआई के पास चली जाती थी। जिसे बैंक के अधिकारी चालाकी से खाते को पुनः सक्रिय कर उसमें से शेष राशि को आहरण कर लेते थे। इस मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने तुरंत SBI बैंक के चार अधिकारियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, ऐसे कई खाते हैं जिनकी राशि इसी तरह से आहरित कर ली जाती है। सालों बीत जाने के कारण वास्तविक खातेदार भी इन खातों की पड़ताल नहीं करते हैं। जिसका लाभ बैंक के ही अधिकारी इसी तरह से उठाते हैं। कई बार लोगों की मृत्यु के पश्चात् उनके परिजन ऐसे खातों की जानकारी नहीं ले पाते तो उन खातों को इन अधिकारियों ने ये बड़ा अंजाम दिया है।

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