कारोबारी ईक़बाल मेमन के घर ईडी की दबिश, इस मामले में हुई कार्यवाही….।

गरियाबंद : शराब घोटाले की जांच लगातार चल रही है, इसी बीच बड़े – बड़े मोहरे ईडी की गिरफ्त में फंस रहे है, ऐसे ही छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में ईडी ने छापा मार की कार्यवाही की है, जिसकी जानकारी सामने आई है। मैनपुर में 10 से ज्यादा वाहनों में ईडी की टीम ने कारोबारी ईकबाल मेमन के घर अपर सुबह-सुबह दबिश दी है। छापे में अनवर ढेबर कनेक्शन की आशंका जताई जा रही है। वहीँ आपको बता दें कि यह मामला 2000 करोड़ से ज्यादा की रकम के शराब घोटाले का है। जाड़ापदर के ग्रामीणों ने ईडी से  लिखित शिकायत किया था। जिसमें शराब सिंडिकेट के पैसे का इन्वेस्टमेंट का आरोप लगाया गया है। दो साल के भीतर दो करोड़ से ज्यादा की प्रापर्टी की खरीदी हुई थी। ईकबाल मेमन अनवर का रिश्तेदार है।

शराब घोटाले में एक्शन :

बीते महीने छत्तीसगढ़ में ईडी की टीम ने शराब घोटाला मामले में छापेमारी की थी। रायपुर में बार कारोबारी राठौर के सूर्या अपार्टमेंट और कटोरा तालाब में एक ठिकाने में ईडी की जांच की थी। ईडी ने झारखंड के पूर्व उत्पाद (आबकारी) सचिव IAS विनय चौबे और संयुक्त सचिव गजेंद्र सिंह से जुड़े करीबियों के घर पर दबिश दी थी। शराब घोटाले में कई आरोपी जेल की हवा खा चुके है।

इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार, ईडी ने झारखंड शराब घोटाले से जुड़े मामले में ईडी ने छापा मारने की कार्यवाही की थी। इस मामले में IAS विनय चौबे और संयुक्त सचिव गजेन्द्र सिंह के करीबियों के घर रायपुर और रांची में दबिश दी थी। वहीं ईडी की राडार में छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के पूर्व अधिकारी की भी होने की खबर भी है। इसके अलावा झारखंड में शराब कारोबार से जुड़ी अलग अलग कंपनियों और उनके संचालकों के यहां ईडी ने छापा मारा था।

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मिनार बार के मालिक अनिल राठौर के अशोका रतन स्थित घर, मिनार बार और सूर्या अपार्टमेंट में छापेमारी की थी। झारखंड और छत्तीसगढ़ प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आधा दर्जन अफसर जांच में जुटे थे। ED ने जुलाई, 2023 में छत्तीसगढ़ आबकारी घोटाले में केस दर्ज किया था। प्रमुख आरोपियों में निरंजन दास जो तत्कालीन आबकारी आयुक्त छत्तीसगढ़, अरुण पति त्रिपाठी विशेष सचिव आबकारी, अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा सचिव इंडस्ट्रीज छत्तीसगढ़ और पीएचएसएफ कंपनी के डायरेक्टर विधु गुप्ता का भी नाम शामिल था। इन सभी ने मिलीभगत से घोटाले को अंजाम दिया था।