मेड्रिड (स्पेन) : डिस्पोजल ग्लास में चाय पीना खतरे से खाली नहीं है, एक कप चाय में 25 लाख के लगभग कैंसर पैदा करने वाले तत्व होते है, जो शरीर में समा जाते है। वहीँ आजकल टी बैग का प्रयोग भी काफी ज्यादा बढ़ गया है, लेकिन इनमें लाखों नुकसान दायक माइक्रोप्लास्टिक होते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते है। हाल ही स्पेन में हुए एक शोध में सामने आया कि इन बैग की बाहरी परत को बनाने में आमतौर पर पॉलिएस्टर नामक मैटेरियल का उपयोग किया जाता है, जिसे गर्म पानी में डालने पर बड़ी मात्रा में माइक्रोप्लास्टिक्स और नैनोप्लास्टिक्स (प्लास्टिक के बहुत छोटे टुकड़े) और रेशेदार संरचनाएं निकलती हैं, ये सब स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है। बार्सिलोना के स्वायत्त विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह कण हमारी आंतों की कोशिकाओं में घुस जाते हैं और वहां से हमारे रक्त में प्रवेश कर पूरे शरीर में फैल जाते हैं। शोधकर्ताओं ने बाजार में उपलब्ध कई तरह के टी बैग की जांच की तो इनमें नायलॉन-6, पॉलीप्रोपाइलीन व सेल्यूलोज जैसे माइक्रोप्लास्टिक्स और नैनोप्लास्टिक्स पाए गए। यह शरीर को बड़ा नुकसान पहुंचाते है।
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