बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की नृशंस हत्या, ठेकेदार व कांग्रेसी नेता सुरेश के परिसर में मिला शव, पत्रकारों ने जताया आक्रोश।

बीजापुर : पत्रकार मुकेश चंद्राकर 1 जनवरी की रात अचानक अपने घर के बाहर से लापता हो गये थे। पत्रकार मुकेश चंद्राकर के बारे में जो आशंका थी, वहीं हुआ। देशभर में नक्सल मामलों की पत्रकारिता के लिए चर्चित पत्रकार व प्रसिद्ध यूट्यूबर मुकेश चंद्राकर एक जनवरी से लापता थे। इसके दो दिन बाद शुक्रवार को ठेकेदार व छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश महासिचव सुरेश चंद्राकर के कंस्ट्रक्शन कंपनी के परिसर में स्थित सेप्टिक टैंक से मुकेश का शव मिला है। पत्रकार मुकेश चंद्राकर की नृशंस हत्या से पत्रकार जगत में काफी आक्रोश है। 30 दिसंबर को एनडीटीवी में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के द्वारा 120 करोड़ की भ्रष्टाचार वाली सड़क निर्माण की खबर दिखाई थी।

धारदार हथियार से वार कर हत्या :

पुलिस ने मुकेश चंद्राकर की तलाश के लिए एडिश्नल एसपी के नेतृत्व में एक टीम बनायी थी। टीम में कई पुलिस अधिकारी भी थे, जिन्हें अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया था। इस बीच पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में सर्च आपरेशन भी चलाया था। पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर भी खोजकर रही थी। पुलिस ने आखिरी लोकेशन के आधार पर आसपास के क्षेत्र में सर्च आपरेशन चलाया, जिसके बाद एक सेप्टिक टैंक में एक शव मिला। तीन घंटे की मशक्कत के बाद शाम लगभग सात बजे मुकेश का शव निकाला गया तो सर के पीछे कई वार करने के निशान थे

इसके साथ ही पूरे शरीर में आठ से दस स्थान पर गंभीर चोट के निशान देखकर साफ पता चल रहा था कि हत्यारों ने पूरी योजना के साथ नृशंस तरीके से हत्या की है। साक्ष्य छिपाने शव को सेप्टिक टैंक में फेंककर ऊपर से फ्लोरिंग भी कर दी गई थी। इस घटना में संदिग्ध कांग्रेसी नेता सुरेश फरार बताया जा रहा है। सुरेश का छोटा भाई रीतेश चंद्राकर भी फरार था। पुलिस को उसकी थार गाड़ी हैदराबाद से मिली है। शुक्रवार की देर शाम पुलिस ने दिल्ली से उसे पकड़ा है।

कांग्रेसी नेता सुरेश पर संदेह :

मुकेश चंद्राकर के बड़े भाई पत्रकार युकेश ने बताया कि नववर्ष की रात साढ़े आठ बजे तक मुकेश राउतपारा स्थित अपने घर पर ही था। देर रात कुछ लोग उसे अपने साथ बुलाकर ले गए, दूसरे दिन भी मुकेश दिखाई नहीं दिया और फोन भी बंद आ रहा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मुकेश के परिजनों ने इस हत्या के पीछे ठेकेदार व कांग्रेसी नेता सुरेश का हाथ होने का संदेह जताया था।

मोबाईल लोकेशन से मिला सुराग :

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एएसपी चंद्रकांत गोवर्ना ने बताया कि मुकेश के मोबाइल का अंतिम लोकेशन कांग्रेसी नेता व ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के चट्टानपारा स्थित कंस्ट्रक्शन कंपनी के परिसर में मिला। इसके बाद से फोन स्वीच आफ बता रहा था, जिससे संदेह गहरा गया। इस परिसर में मुकेश व कुछ अन्य पत्रकार साथी सुरेश के छोटे भाई रीतेश चंद्राकर के साथ अक्सर बैडमिंटन खेलने भी जाया करते थे। गुरुवार को पुलिस की टीम रात लगभग दो बजे तक सुरेश चंद्राकर के परिसर की जांच करती रही, पर तब वहां कुछ नहीं मिला था।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक :

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बीजापुर के युवा और समर्पित पत्रकार मुकेश चंद्राकर जी की हत्या का समाचार अत्यंत दु:खद और हृदयविदारक है। मुकेश का जाना पत्रकारिता जगत और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना के अपराधी को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जायेगा। अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा देने के निर्देश दिए गये हैं। मुकेश नक्सल मामलों के साथ ग्रामीण पत्रकारिता के विशेषज्ञ थे। टेकुलगुडेम में अगवा सीआरपीएफ जवान राकेश्वर मन्हास को छुड़वाने में सरकार और नक्सलियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। उनका कार्य काफी प्रशंसनीय था।

सेप्टिक टैंक में शव मिला :

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सम्बंधित जगह पर बैडमिंटन खेलने जाने वाले लोगों ने संदेह जताया था कि सेप्टिक टैंक के चेंबर को फ्लोरिंग से बंद किया गया है। इस पर शुक्रवार की शाम लगभग साढ़े चार बजे पुलिस ने फ्लोरिंग को तोड़कर चेंबर को खोला तो उसके भीतर शव दिखाई दिया। तीन घंटे की मशक्कत के बाद शाम लगभग सात बजे मुकेश का शव निकाला गया। वहीँ इस मामले में बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक चंद्रकांत गोवर्ना व थाना प्रभारी की विशेष टीम बनाकर मामले की जांच प्रारंभ की थी। पत्रकार की हत्या के मामले में संभाग के पत्रकारों ने शनिवार को बीजापुर बंद का आव्हान किया गया है। साथ ही अस्पताल चौक में दो घंटे का सांकेतिक चक्काजाम भी किया जायेगा।

हेलीकाप्टर में बरात में चर्चा में आया सुरेश :

ठेकेदार व कांग्रेसी नेता सुरेश चंद्राकर वर्ष 2021 में हेलीकाप्टर में बरात निकालने को लेकर चर्चा में आया था। तब यह बात सामने आई थी कि शादी में उसने दस करोड़ रुपये खर्च किए थे। मूलत: बासागुड़ा में रहने वाला सुरेश का परिवार सलवा जुड़ूम आंदोलन के बाद बीजापुर आकर बस गया था और यहां आकर ठेकेदारी प्रारंभ कर दी थी। कुछ ही वर्षों में वह बड़ा ठेकेदार बन गया। कांग्रेस के शासन काल में विधायक विक्रम मंडावी के करीबी बताए जाते थे। यह भी बात सामने आ रही है कि मुकेश व सुरेश दोनों ही एक ही वंश के हैं और आपस में रिश्तेदारी भी थी। पिछले दिनों सुरेश के बनाए हुए गंगालूर रोड में भ्रष्टाचार को मुकेश चंद्राकर ने उजागर किया था। इसके बाद सड़क की प्रशासन की ओर से जांच प्रारंभ कर दी गई थी। इसी बात को लेकर मुकेश व सुरेश के बीच विवाद होने की बात सामने आ रही थी। ठेकेदार व कांग्रेसी नेता सुरेश चंद्राकर ने खुद को समाजसेवी बताने के नाम पर एक प्रतिष्ठित अख़बार में पूरे पन्ने का विज्ञापन भी जारी करवाया था। पत्रकारों पर ऐसे हमले कई बार हो चुके है और अन्य घटनायें भी लगातार सामने आई है, धमकियाँ तो सामान्य बात है।

आरोपी गिरफ्त में :

पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं हत्या मामले में आज दोपहर तक पुलिस अद्यतन जानकारी प्रस्तुत  करेगी। मिली जानकारी के मुताबिक, मुकेश चंद्राकर की हत्या के मुख्य आरोपी ठेकेदार का भाई सुरेश चंद्राकर हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी सुरेश विदेश भागने की तैयारी में था।

वहीं बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के विरोध में सभी पत्रकार धरने पर बैठ गए हैं। संभाग भर के पत्रकार नेशनल हाईवे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान पत्रकारों ने चक्का जाम के साथ ही आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा आरोपी ठेकेदार के वैध अवैध सभी संपत्तियों की कुर्क करने और सभी सरकारी टेंडर निरस्त कर बैंक खाते सीज करने की भी मांग रहे हैं।