रायपुर : एक तांत्रिक ने तीन जघन्य घटनाओं को अंजाम दिया है, मामले में सामने आया है कि वह नोटों की बारिश कराने का झांसा देकर पहले लोगों से मोटी रकम ऐंठता था और बाद में गंगा जल में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया करता था। इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा आश्चर्यचकित करने वाली बात यह है कि जिन भी लोगों की आरोपी हत्या करता था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक आता था। इस घटना में खुलासा हुआ है कि दुर्ग के धनोरा में रहने वाला सुखवंत साहू अपने आप को तांत्रिक बता कर लोगों की समस्या दूर करने के बहाने उनसे मोटी रकम की मांग करता था और जब रकम हाथ में मिल जाए तो पूजा-पाठ करके प्रसाद के तौर पर साइनाइड मिला हुआ गंगाजल पिला देता था।
जिसके बाद पूजा कराने वाले की तत्काल मौत हो जाती थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या का कारण हार्ट अटैक निकलता था, जिसके बाद पुलिस भी सामान्य मौत मान कर फाइल को बंद कर देती थी। आरोपी युवक ने पुलिस को बताया है कि उसे साइनाइड के प्रयोग से हत्या करने की जानकारी सावधान इंडिया नाम के धारावाहिक से मिली थी। साइनाइड की व्यवस्था उसने ऑनलाइन की थी।
सावधान इंडिया से सीखा हत्या का तरीका :
इस मामले में खुलासा हुआ है कि तांत्रिक ने ये सब सावधान इंडिया सीरियल में देख कर साइनाइड वाला उपयोग करना सीखा था। आरोपी इस काम को अकेले अंजाम नहीं देता था, बल्कि हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी अपने दोस्त वीरेंद्र देवांगन को साथ रखता था। नया रायपुर के रहने वाले हंसराम साहू ने तांत्रिक के झांसे में आकर नोटो की बारिश कराने के लिये उसे डेढ़ लाख रुपए दे कर घर में पूजा कराने बुलाया था। आरोपी तांत्रिक अपने साथी वीरेंद्र के साथ हंसराज के घर पहुंचा। उसने पूजा पाठ कराने के बाद तांत्रिक हंसराज को साइनाइड मिला हुआ गंगा जल प्रसाद के तौर पर पिला दिया।जिसके बाद 60 वर्षीय हंसराज की मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक की बात सामने आई।
दूसरी मौत अभनपुर गांव के निवासी नरेंद्र साहू की भी इसी तरह हुई थी, पूजा-पाठ कराने आये और नोटों की बारिश के चक्कर में डेढ़ लाख गवा चुके नरेंद्रभी जब पैसे की मांग करने लगे तो तांत्रिक ने उनके गांव जाकर खेत में पूजा कराई और फिर गंगाजल में साइनाइड मिलाकर उसे पिला दिया, जिससे उसकी भी वहीँ मौत हो गई।
कैसे हुआ हत्या का खुलासा?
आरोपी गंगाजल में साइनाइड मिलाकर लोगों की हत्या कर ही रहे थे कि अचानक एक दिन तांत्रिक और उसके साथी वीरेंद्र देवांगन के बीच पैसे के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद आरोपी ने अपने साथी वीरेंद्र को मौत के घात उतार दिया, लेकिन इस बार उसने हत्या के साइनाइड का इस्तेमाल नहीं किया था। तांत्रिक ने इस बार हत्या सिर कुचलकर की थी।पुलिस ने जब इस मामले की जांच तो आरोपी तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने जब तांत्रिक से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने जुर्म के बारे में उगल दिया।
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तांत्रिक ने पुलिस को हत्या करने के तरीके और पुलिस से बचने की चाल की जानकारी दी है। तीन दिसंबर 2024 को गंगरेल रोड पर बीरेंद्र देवांगन (55) शव मिला था। चेहरे को कुचल दिया गया था, ताकि पहचान न हो सके। तकनीकी जांच में सुखवंत साहू उर्फ सुखू का नंबर लिया। जांच में राजफाश हुआ कि इससे पहले भी दो लोगों की हुई हत्याओं में भी सुखवंत का हाथ था। बीरेंद्र से उसकी पुरानी पहचान थी। दोनों तंत्र पूजा करते थे। बीरेंद्र को पता था कि सुखवंत ने रायपुर के दो लोगों से पैसे लिए हैं और उनकी हत्या कर दी है। राज उजागर न करने के बदले में वह सुखवंत से पैसा मांग रहा था। इसी से विवाद हुआ और सुखवंत ने बीरेंद्र को भी मार दिया। आरोपपी ने 7 दिन में 3 हत्याओं को अंजाम दिया है। इनमें से दो लोगों को उसने गंगाजल में साइनाइड मिलाकर पिला दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। अब यह सवाल भी उठा है कि किया साइनाइड जैसा खतरनाक केमिकल इतनी आसानी से कैसे उपलब्ध है?



