बिना शराब और डीजे के शादी करने पर पंचायत करेगी पुरस्कृत, इस क्षेत्र शुरू हुई अनूठी पहल….।

बठिंडा (पंजाब) : शादियों में कुरीतियाँ लगातार बढ़ रही है, विवाह आयोजन करना दो जोड़ों के बंधन बंधने का जरिया है, यह आयोजन सभी समाजों में अलग – अलग तरीके से आयोजित होता है, लेकिन सभी जोड़े धार्मिक रीतियों से ही वोवः बंधन में बंधते है। वर्तमान ऐसी कुरुतियाँ फ़ैल रही है, जिनमें शादी में शराब और डीजे है, इनको लेकर बठिंडा जिले की एक ग्राम पंचायत ने विवाह समारोह में शराब नहीं परोसने और डीजे से दूर रहने वाले परिवारों को 21,000 रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। बल्लो गांव की सरपंच अमरजीत कौर ने मंगलवार को बताया कि यह निर्णय ग्रामीणों को विवाह समारोहों में फिजूलखर्ची और शराबखोरी से रोकने के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते किया गया है, जिससे सामाजिक कुरीतियाँ कम हों सकें।

इस पहल का उद्देश्य फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाना, शराब के सेवन को कम करना और समारोहों के दौरान शांतिपूर्ण माहौल को बढ़ावा देना है। पंचायत के सदस्यों ने सामाजिक आयोजनों में अत्यधिक खर्च और उच्च-डेसिबल संगीत के कारण होने वाली गड़बड़ी पर बढ़ती चिंताओं को उजागर किया है। इन सभी कुरीतियों ने सामाजिक माहौल को दूषित किया है।

फिजूलखर्ची न करने के लिए प्रोत्साहन :

सरपंच अमरजीत कौर ने कहा कि आमतौर पर देखा जाता है कि गांवों में विवाह समारोह के दौरान जहां शराब परोसी जाती है और डीजे द्वारा तेज आवाज में संगीत बजाया जाता है, वहां झगड़े शुरू हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा तेज आवाज में संगीत बजाने से छात्रों की पढ़ाई में भी बाधा उत्पन्न होती है। कौर ने कहा, ‘‘हम लोगों को शादी समारोहों के दौरान फिजूलखर्ची न करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं।’’ शादी में दारू पीकर ही लोग नृत्य करते है और फिर माहौल झगडे में बदल जाता है, जिससे परिवार की खुशियों में खलल पड़ता है, उन्होंने कहा कि पंचायत ने एक प्रस्ताव पारित किया है जिसके तहत अगर कोई परिवार शादी समारोह में शराब नहीं परोसता और डीजे नहीं बजाता तो उसे 21,000 रुपये दिए जाएंगे। बल्लो गांव की कुल आबादी करीब पांच हजार है।

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