प्रयागराज (उ.प्र.) : महाकुंभ के आयोजन में वक्फ बोर्ड की 55 बीघा जमीन के उपयोग से जुड़े दावे से एक ओर जमकर सियासत हो रही है। वहीं दावा करने वाले मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की मुश्किलें बढ़ सकती है। मौलाना के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किए जाने की मांग को लेकर महाकुंभ पुलिस से शिकायत की गई है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के लीगल सेल ने महाकुंभ पुलिस से शिकायत की है। इस मामले ने बड़ा राजनैतिक रुख ले लिया है।
विश्व हिंदू परिषद के ओर से एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को लिखित तहरीर दी गई है। महाकुंभ पुलिस के साथ ही प्रयागराज कमिश्नरेट की पुलिस में भी शिकायत की गई है। तहरीर में कहा गया है कि मौलाना के इस बयान से सनातन धर्मियों की भावनाएं आहत हुई हैं। इस मामले में उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए। मौलाना पर गलत बयानी कर जानबूझकर विवाद खड़ा करने का भी आरोप लगाया गया है। जहाँ हिन्दू इस समय कुम्भ को लेकर अपनी तैयारियों में जुटे हुये है, ऐसे में यह गलतबयानी स्वीकार योग्य नहीं है।
क्या था मौलाना का बयान :
तहरीर के साथ मीडिया रिपोर्ट्स की कॉपी भी संलग्न की गई है, हालांकि इस मामले में पुलिस ने अभी एफआईआर दर्ज नहीं की है। विश्व हिंदू परिषद के लीगल सेल के काशी प्रांत के अध्यक्ष अरविंद मिश्र ने पुलिस में शिकायत की है। गौरतलब है कि बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी बड़ा दावा करते हुए महाकुंभ स्थल की जमीन को वक्फ की संपत्ति करार दिया था।
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मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा था कि प्रयागराज के जो मुसलमान हैं, उनमें से एक सरताज ने इस बात की जानकारी दी कि जिस जमीन के ज्यादातर हिस्से पर शामियाने और तंबू लगाए गए हैं, वो जमीन वक्फ बोर्ड की है और वहां के मुसलमानों की है। ये जमीन लगभग 54 बीघा है। वक्फ की 55 बीघा जमीन पर मेला लग रहा है। वहां के जो जिम्मेदार लोग हैं उन लोगों को इस पर गौर करना चाहिए। उनके इसी बयान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।



