रायपुर : राज्य बनने के बाद से चुनाव होने के बाद राज्य की तीन बार की सरकार भाजपा की रही, उसके बाद कांग्रेस की सरकार 2018 से 2023 रही, जिसके बाद से तत्कालीन कांग्रेस सरकार में घोटाले ही घोटाले उजागर होते चले गये, जिसमें बड़े – बड़े रसूख वाले भी फंसते चले गये, इसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री की करीबी सौम्या चौरसिया भी थी। अब छत्तीसगढ़ में आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल में बंद सौम्या चौरसिया को कोर्ट ने जमानत दे दी है। EOW और ACB के द्वारा 60 दिन के भीतर चालान पेश नहीं किया गया, जिसके आधार पर विशेष कोर्ट ने जमानत दे दी। सौम्या चौरसिया पूर्व सीएम भूपेश बघेल की OSD भी रह चुकी हैं। वह दो साल से भी अधिक समय से जेल में बंद है। यह काफी चर्चित रही है।
कोयला घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से मिली है जमानत :
कोयला घोटाले में लंबे समय से जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पूर्व OSD सौम्या चौरसिया को बड़ी राहत मिली है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में SC ने सौम्या चौरसिया को सशर्त अंतरिम जमानत दी है। हालांकि एसीबी-ईओडब्ल्यू में दर्ज प्रकरणों की वजह से उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में SC ने सौम्या चौरसिया को सर्शत अंतरिम जमानत दी है। जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कई कड़ी शर्तें लगाई हैं। इनमें प्रमुख शर्तों में सौम्या को छत्तीसगढ़ सरकार बहाल ना करे, सौम्या गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगी। लगातार ट्रायल कोर्ट के सामने पेश होती रहेंगी। पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट के पास जमा रहेगा, बिना कोर्ट की अनुमति के देश नहीं छोड़ेंगी। सामान्य रूप से उन्हें रहना होगा।
ईडी केस में मिली थी जमानत :
जस्टिस सूर्यकांत, और जस्टिस उज्जवल भुईयां की पीठ में सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई है। सौम्या के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि, यह जमानत सौम्या को ईडी में दर्ज प्रकरण पर मिली है। एसीबी और ईओडब्ल्यू में दर्ज प्रकरणों पर हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई है। जिस पर जल्द सुनवाई हो सकती है। इसको लेकर अब अगली सुनवाई तक इंतजार करना होगा।
दो साल से जेल में बंद है सौम्या चौरसिया :
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राज्य प्रशासनिक सेवा की अफसर सौम्या चौरसिया निलंबित IAS समीर बिश्नोई, रानू साहू और दो साल से जेल में हैं। कोयला लेवी के मामले में ईडी ने सबसे पहले आरोपियों के ठिकानों पर छापे मारे थे। इसी छापे में समीर बिश्नोई, रानू और सौम्या तीनों की संलिप्तता का पता चला था। कड़ी दर कड़ी जांच बढ़ती चली गई और आरोपियों पर ईओडब्ल्यू में भी कोयला और आय से आधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज हुआ है। ये सभी तत्कालीन सरकार में बड़े पदों पर थे।
करीब 500 करोड़ का हुआ है स्कैम :
छत्तीसगढ़ में ईडी ने कथित कोयला घोटाले में 500 करोड़ रुपए की अवैध उगाही को लेकर जांच शुरू की थी। जिसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया था। वसूली के लिए नियमों में बदलाव किया गया था। जिसके बाद जांच में ईडी ने चल-अचल संपत्तियां जब्त की थी, जिनमें कई बेनामी भी हैं। आयकर विभाग का आरोप है कि ये घोटाला लगभग 500 करोड़ रुपए का था। आयकर विभाग ने सौम्यकी 50 से ज्यादा प्रॉपर्टी को अटैच किया था, अटैच की गई प्रॉपर्टी में रियल एस्टेट प्रॉपर्टीज, बैंकों में जमा राशि शामिल है।



