रायपुर और रायगढ़ में आईटी की छापेमारी में ठेकेदार के ठिकानों से लाखों रूपये का कालाधन सीज।

रायपुर : आईटी की छापेमारी के तीसरे दिन रविवार को रेलवे ठेकेदार के रायपुर और रायगढ़ स्थित दो ठिकानों की जांच पूरी कर ली गई है। आयकर विभाग ने रेलवे ठेकेदार के ठिकानों से बरामद 75 लाख रुपए की ब्लैकमनी को सीज कर लिया गया है। वहीं, तलाशी के दौरान मिली ज्वेलरी, प्रॉपर्टी और निवेश का मूल्यांकन किया जा रहा है। रविवार को रायपुर स्थित तीन ठिकानों पर तलाशी चल रही थी, जिसके सोमवार को पूरी होने की संभावना जताई जा रही है। बताया जाता है कि तलाशी के दौरान मिले शेल कंपनियों के पेपर्स, लेनदेन के दस्तावेजों, प्रॉपर्टी के साथ ही निवेश के संबंध में पूछताछ कर बयान लिया जा रहा है। वहीं, रायगढ़ और रायपुर स्थित ठिकानों में मिले दस्तावेज को जांच के लिए जब्त किया गया है। मामले को लेकर आगे की कार्यवाही की जा रही है।

आयकर विभाग ने 17 जनवरी को रायपुर और रायगढ़ स्थित 5 ठिकानों में छापामारा था। इसमें रायपुर के 3 आवासीय परिसर और एक दफ्तर के साथ ही रायगढ़ का एक ठिकाना शामिल था। मूल रूप से ओड़िशा के ठेकेदारी फर्म से जुडे़ संचालकों के ठिकानों पर आयकर विभाग ओड़िशा एवं छ्त्तीसगढ़ की संयुक्त टीम द्वारा कार्यवाही की गई है। आयकर विभाग ने ठेकेदारों के बैंक खातों में हुए ट्रांजेक्शन की जानकारी लेने बैंकों और प्रॉपर्टी के संबंध में राजस्व विभाग से जानकारी मांगी है। इस संबंध में दोनों ही विभागों को पत्र लिखा गया है। बताया जाता है कि 20 जनवरी को ठेकेदार और उनके परिजनों के बैंक लॉकर की तलाशी ली जाएगी। इस दौरान मिले इनपुट के आधार पर टैक्स चोरी का आंकलन किया जायेगा। जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही भी की जायेगी।

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यह कार्यवाही कंस्ट्रक्शन कंपनियों और रेलवे ठेकेदारों समेत कई बड़े कारोबारियों के ठिकानों पर की गई है। अधिकारियों ने बताया कि टैक्स चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के आधार पर यह कार्यवाही की गई है। सबसे बड़ी कार्यवाही आरएसए इंफ्रा कंपनी के मालिक संजय अग्रवाल के अवंति विहार स्थित घर और दफ्तर पर की गई है। इसके अलावा उनके भाई और रेलवे ठेकेदार बजरंग अग्रवाल के आवास और दफ्तर पर भी छापेमारी की गई है। आईटी अधिकारियों ने सुबह-सुबह ही दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी थी और कई महत्वपूर्ण फाइलें, डिजिटल डेटा और अन्य सामग्री जब्त की। सूत्रों के मुताबिक अग्रवाल बंधुओं के खिलाफ लंबे समय से टैक्स चोरी की शिकायतें मिल रही थीं।