हिंदू नाम से लाइसेंस लेकर मुस्लिम चला रहे थे होटलें, 27 होटलों के रद्द किये गये लाइसेंस, हुआ चौंकाने वाला खुलासा।

अहमदाबाद (गुजरात) : होटलों में नाम लिखने को लेकर कांवड़ यात्रा के दौरान उ.प्र. में बड़ा बवाल हो चुका है, ऐसे में अब अहमदाबाद में बड़ा खुलासा हुआ है, यहाँ हिंदू नाम से लाईसेंस लेकर होटल मुस्लिमों के चलाने के खुलासे पर गुजरात सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है। गुजरात सरकार के परिवहन विभाग ने ऐसे 27 होटलों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। अब इन होटलों पर गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) की बसें नहीं रुकेंगी। पहले इन होटलों पर जीएसआरटीसी की बसें रूकती थीं क्योंकि इन होटल को संचालकों ने हिंदू नाम का हवाला देकर लाईसेंस लिए थे, इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया में भी बड़ी मुहीम चल चुकी है। अब गुजरात सरकार के होटलों की सूची भी जारी कर दी है। गुजरात में परिवहन विभाग की जिम्मेदारी हर्ष संघवी संभाल रहे हैं। हर्ष संघवी राज्य के गृह राज्य मंत्री के साथ खेलकूद मंत्री भी हैं।

27 होटलों ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ :

इस जांच में खुलासा हुआ है कि पिछले एक वर्ष में जीएसआरटीसी (Gujarat State Road Transport Corporation) से हिंदू नाम का उल्लेख करके जीएसआरटीसी से होटलों ने खुद को अटैच करके लाईसेंस प्राप्त किए थे, लेकिन मौके पर इनका संचालन मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा ही किया जा रहा था। जीएसआरटीसी की तरफ से ऐसे होटलों की सूची भी जारी की गई है। हर्ष संघवी पहले भी बतौर गृह मंत्री लव जिहाद के खिलाफ कड़ी संदेश दे चुके हैं। वहीँ पहचान छुपाकर धोखा देने वालों पर सख्त रवैया करते आए हैं। अब उनके आधीन आने वाले विभाग ने 27 होटलों पर गाज गिरा दी है। परिवहन विभाग के नियम के अनुसार राज्य में जीएसआरटीसी की बसें उन्हीं होटल पर रुकती हैं जो निगम से लाईसेंस प्राप्त हैं।

महामृत्युंजय मन्त्र  उत्पत्ति की कथा और महत्व के साथ :  https://www.youtube.com/watch?v=L0RW9wbV1fA

पिछले साल कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने कड़ा फैसला लिया था। इसमें कांवड़ रूट पर पड़ने वाले होटलों को संचालक का नाम लिखने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद काफी विवाद हुआ था। कांवड़ यात्रा नेम प्लेट विवाद में योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया था।  इस मामले में हिन्दू आस्था के साथ खिलवाड़ की बात सामने आई थी,जिसके कारण उ.प्र. सरकार ने यह कदम उठाया था।