2000 करोड़ के शराब घोटाला मामले में पूर्व महापौर एजाज ढेबर और उनके भाई को EOW का नोटिस, पार्षद चुनाव में प्रत्याशी के तौर पर खड़े है ढेबर।

रायपुर : बीते सालभर से ज्यादा समय से शराब घोटाले की कार्यवाही राज्य में चल रही है, इसमें कुछ बड़े नेताओं और मंत्रियों के साथ पार्षद प्रत्याशी के लिये चुनाव में खड़े एजाज़ ढेबर तक भी इस घोटाले की आंच पहुँच गई है। उनके 5 साल के महापौर के कार्यकाल में कई आरोप लग चुके है। जनता में उनकी साख काफी हद तक कम हो गई है, ऐसे में उनका चुनाव जीतना मुश्किल हो गया है, वहीँ अब छत्तीसगढ़ के बहु चर्चित शराब घोटाले मामले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां पर दो हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के शराब घोटाले की जांच में नए तथ्य निकल कर सामने आये है। इस सन्दर्भ में ओडब्ल्यू और एसीबी टीम ने एजाज ढेबर व उनके करीबी रिश्तेदारों को नोटिस जारी किया गया है। पूर्व महापौर और उनके रिश्तेदारों को जांच एजेंसी ने नोटिस जारी करने की पुष्टि की है। 

एजाज ढेबर की बढ़ी मुश्किलें :

इस मामले में सूत्रों के मुताबिक पूर्व महापौर ने स्थानीय निकाय चुनाव का हवाला देकर जांच एजेंसी से मोहलत देने की मांग की है। पूछताछ शुरू होने के बाद एजाज ढेबर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एजाज के बड़े भाई और घोटाले के किंगपिन कहे जाने वाले अनवर ढेबर इस मामले में पहले से जेल में बंद हैं। बता दें कि पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को भी हाल ही में  ईडी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीँ एजाज़ ढेबर का 5 वर्षीय महापौर कार्यकाल बेदाग नहीं रहा है, अब उनकी जीत पर भी संदेह है। वहीँ मौलाना अब्दुल रऊफ वार्ड से पूर्व महापौर एजाज ढेबर की पत्नी अंजुमन ढेबर का नाम तय किया गया है, जिसको लेकर वह भी चुनावी मैदान में है, अब मामले यह सवाल उठ आहा है कि क्या यही सोचकर पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने अपनी पत्नि को भी चुनावी मैदान में उतारा था। साथ ही एजाज ढेबर खुद भी पं. भगवती चरण शुक्ला वार्ड 57 से चुनाव प्रत्याशी बने हुये है, क्या अब इस आरोप का लाभ भी उनके प्रतिद्वंदी को मिल सकता है?
 
ईडी ने पिछले साल की थी FIR दर्ज :

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वहीँ ईओडब्ल्यू और सीबीआई में शराब घोटाले को लेकर ईडी ने पिछले वर्ष 2024 में एफआईआर दर्ज कराई थी। इस आवेदन में ईडी ने कहा था कि, तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन के तत्कालीन एमडी एमपी त्रिपाठी, पूर्व IAS अनिल टुटेजा, और कारोबारी अनवर ढेबर के अवैध सिंडिकेट के जरिए से लगभग  दो हजार करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले को अंजाम दिया है। यह घोटाला कुल 2161 करोड़ रूपये का बताया गया। एजाज ढेबर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश के करीबी भी माने जाते रहे है।