रायपुर महापौर के लिए भाजपा-कांग्रेस में बड़ी टक्कर, आमने-सामने मीनल चौबे और दीप्ति दुबे, इनकी जीत पक्की।

रायपुर : राज्यभर में आज निकाय चुनाव को लेकर बड़ी गहमागहमी है, इसी बीच प्रमुख प्रत्याशी और मंत्रीगण भी वोट डालने मतदान बूथ पहुँच चुके है। छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव को लेकर आज सुबह से वोटिंग हो रही है। मतदान की प्रक्रिया सुबह आठ बजे से शुरू हो गया है। वहीं मतदाता शाम पांच बजे तक मतदान कर सकेंगे। रायपुर में महापौर पद के लिए कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है, वहीँ इस बार महिला मतदाता का भाजपा के पक्ष में खड़े होने का बड़ा लाभ जरुर मिलेगा क्यूंकि महतारी वंदन योजना के कारण बहुत अधिक मतदाता भाजपा से जुड़ चुके है, वहीँ कांग्रेस से कांटे की टक्कर का प्रमुख कारण तीन बार शहरी सत्ता में कांग्रेस का काबिज होना है। साथ ही राजधानी रायपुर में नगर निगम के महापौर पद के लिए भाजपा ने मीनल चौबे, तो कांग्रेस ने दीप्ति दुबे को चुनावी रण में उतारा है।

दोनों में टक्कर का मुकाबला माना जा रहा है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक ऐसा नहीं मानते और यह सीट भाजपा के पक्ष में जाने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। भाजपा प्रत्याशी मीनल चौबे इससे पहले तीन बार पार्षद रह चुकी हैं। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी दीप्ति दुबे पहली बार चुनाव लड़ रही है। हालांकि दीप्ति दुबे सामाजिक कार्यकर्ता हैं, लेकिन आम लोगो के बीच में उनकी साख मीनल चौबे के सामने ना के बराबर है। 

जानें मीनल चौबे की सियासी सफर :

भाजपा ने मीनल चौबे को चुनावी रण में उतारा है। उनकी गिनती तेजतर्रार महिला नेत्री के रूप में होती है। वो तीन बार भाजपा पार्षद रह चुकी हैं। वो रायपुर नगर निगम में निर्वतमान नेता प्रतिपक्ष और सीनियर पार्षद हैं। रायपुर नगर निगम से महापौर पद के लिये उनकी दावेदारी पहले से ही मजबूत मानी जा रहा थी। स्नातक की शिक्षा प्राप्त 53 वर्षीय मीनल संगठन में भी सक्रिय रही हैं। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से छात्र राजनीति में कदम रखा। वो लूना पर सवार होकर कॉलेज की छात्राओं की मांग को लेकर हर जगह डटे रहती थीं। आंदोलन, धरना-प्रदर्शन के रूप में भाजपा महिला मोर्चा में लगातार सक्रिय रही हैं। पिछले दो दशक से राजनीति में सक्रिय मीनल भाजपा जिला की कमान संभालने से लेकर प्रदेश पदाधिकारी का दायित्व निभा चुकी हैं। हर चुनाव में अपने वार्ड से भाजपा को काफी बड़े अंतर से लीड दिलाने में सफल रही हैं। वहीँ जमीनी तौर पर उनकी काफी लोकप्रियता भी है।

कांग्रेस प्रत्याशी दीप्ति पहली बार लड़ रहीं चुनाव :

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कांग्रेस ने दीप्ति दुबे को प्रत्याशी बनाया है। वे पहली बार प्रत्याशी चुन कर आई हैं। वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय रही हैं। इसके अलावा वे वर्ष 2014 से कांग्रेस में सक्रिय रही हैं और महिलाओं में उनकी काफी पकड़ है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में कैंपेनिंग के दौरान भी सक्रिय थी। दीप्ति दुबे ने सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से विभिन्न समुदायों में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इसके साथ ही वे मेंटल हेल्थ क्लीनिक की संचालिका भी हैं। कांग्रेस प्रत्याशी दीप्ति दुबे वर्तमान सभापति प्रमोद दुबे की पत्नी है। दीप्ति दुबे ने मास्टर्स इन साइकोलॉजी के साथ एमए हिंदी साहित्य की पढ़ाई की है। वर्तमान में पीएचडी कर रही हैं। पत्रकारिता में डिप्लोमा होने के साथ-साथ वह मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में काम कर रही हैं। अब उन्हें पार्टी ने अपना उम्मीदवार चुना है। ऐसे में दोनों ही प्रत्याशियों में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकता है। 

राजनैतिक समीकरण :

इस समय रायपुर शहर की चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। राज्य में सत्तासीन भाजपा रायपुर नगर निगम सीट जीतने के लिए हरसंभव कोशिश करेगी। ऐसे में कांग्रेस की उम्मीदवार दीप्ति दुबे की डगर आसान नहीं है। हालांकि रायपुर नगर निगम के महापौर और सभापति रह चुके उनके पति प्रमोद दुबे ने रायपुर में अपनी एक अलग छवि बनाई है। उस छवि और महापौर के रूप में उनके कामों का लाभ दीप्ति दुबे को मिल सकता है। इस आधार पर मीनल की अपेक्षा दीप्ती की जीत थोड़ी मुश्किल ही है। इस सीट की जीत को लेकर भाजपा इस आश्वस्त है।