छ.ग. के सिम श्रीलंका, नेपाल और म्यांमार में हो रहे है इस्तेमाल, मामला ऑनलाईन फ्रॉड का, सिम बेचने वालों पर बड़ी कार्यवाही।

रायपुर : ऑनलाईन बहुत बड़े स्तर पर हो रही है ऐसे में जागरूकता और बचाव ही बड़ी सावधानी है। इधर म्यूल अकाउंट की मदद से ऑनलाइन ठगी के पैसों का ट्रांजेक्शन करने बैंक लेन-देन करने फर्जी सिम उपलब्ध कराने के आरोप में रेंज साइबर पुलिस ने रायपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई तथा मुंगेली से अलग-अलग मोबाईल कंपनियों के 13 सिम विक्रेताओं को गिरफ्तार किया है। एजेंट के माध्यम से जारी सिम देश के अलावा देश के बाहर यूएई, श्रीलंका के साथ ही नेपाल तथा म्यांमार में संचालित होने की जानकारी साईबर पुलिस को मिली है। ऐसे में सिम विक्रेता भी कार्यवाही की जद में आ गये है।

जालसाजों की जालसाजी की रकम ट्रांजेक्शन कराने म्यूल खाते उपलब्ध कराने के आरोप में रेंज साईबर पुलिस ने पूर्व में 81 अकाउंट होल्डर के अलावा चार बैंक अफसरों को गिरफ्तार किया है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपी अभी भी जेल में हैं। इसी कड़ी में ट्रांजेक्शन की जानकारी लेने फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले 13 सिम विक्रेताओं पर साइबर पुलिस ने शिकंजा कसा है। यह कार्यवाही आईजी अमरेश मिश्रा के निर्देश पर की गई है। म्यूल खाते का मतलब होता है, अपराध के लिये अथवा अपराधिक में पैसा हस्तान्तरण के लिये अपने खातों का प्रयोग करने देना।

सट्टा एप से लेकर सभी तरह के फर्जीवाड़ा में उपयोग :

साईबर पुलिस ने जिन फर्जी सिम उपलब्ध कराने वालों को गिरफ्तार किया है। फर्जी सिम उपलब्ध कराने वालों को गिरफ्तार किया है, उन लोगों द्वारा साइबर फ्रॉड करने वालों के साथ महादेव सट्टा एप से जुड़े लोगों को सिम बेचा है। साईबर पुलिस के अनुसार फर्जी सिम को सिम विक्रेता पांच सौ रुपए से ढाई हजार रुपए तक में बेचने का काम कर रहे थे, जिसके बाद वो अब गिरफ्त में आ गये है, ये लोग सिम खरीददार का दो बार स्कैन कर लेते थे जिससे सिम खरीदने वालों को पता ही नहीं चलता था की उनके नाम पर अन्य सिम भी चल रहा है, जिससे कार्यवाही की जद में वो भी आ जाते थे। ऐसे में आप भी अपने नाम के सिम कितने चल रहे है इसकी जानकारी संचार साथी पोर्टल से ले सकते है।

लाखों की संख्या में संचालित हो रहे फर्जी सिम :

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वहीँ अब साईबर पुलिस ने फर्जी सिम बेचने के आरोप में जिन सिम विक्रेताओं को गिरफ्तार किया है, उनके द्वारा ही सात हजार 63 फर्जी सिम कार्ड बेचे गए हैं। अलग-अलग विक्रेताओं ने जिन लोगों को सिम कार्ड उपलब्ध कराया है, उनमें से 590 मोबाइल की पहचान कर ली गई है। फर्जी सिम को ब्लाक कराने की कार्यवाही की जा रही है। साइबर पुलिस को राज्य के अलग-अलग एजेंट के माध्यम से म्यूल अकाउंट होल्डर को लाखों की संख्या में सिम उपलब्ध कराए जाने की आशंका है।

थोक में बेचे जा रहे फर्जी सिम :

रेंज साइबर पुलिस के अनुसार, राज्य में फर्जी सिम बेचने वालों का बड़ा गिरोह काम कर रहा है। साइबर पुलिस ने आने वाले दिनों में फर्जी तरीके से सिम बेचने वालों के खिलाफ कार्यवाही और तेज करने की बात कही है। साइबर पुलिस ने पूर्व में म्यूल अकाउंट की पहचान कर जो कार्यवाही की है, उन सभी म्यूल अकाउंट में दर्ज मोबाइल नंबर की पड़ताल कर आगे कार्यवाही करने की बात कही है। वहीँ कुछ लोगों पर कार्यवाही की गाज गिरी है, जिनमें कुलवंत सिंह छाबड़ा राजनांदगांव, खेमन साहू -राजनांदगांव, अजय मोटघरे -राजनांदगांव,ओम आर्य – मुंगेली, चंद्रशेखर साहू – गोबरा नवापारा, रायपुर, – पुरुषोत्तम देवागंन -मोहन नगर, दुर्ग, रवि कुमार साहू – सुपेला, जिला-दुर्ग, रोशन लाल देवागंन – दुर्ग, –के. शुभम सोनी – दुर्ग, के. वंशी सोनी – दुर्ग, -त्रिभुवन सिंह – सुपेला भिलाई, अमर राज -केशरी – भिलाई, – विक्की देवांगन – दुर्ग शामिल है।