रायपुर : राजधानी में आये दिन लूट और डकैती के बड़े काण्ड हो रहे है, गोलियां भी सरेआम चल रही है, चाकूबाजी तो रिकार्डतोड़ है, ऐसे में आम आदमी किस हद तक दहशत में जी रहा है, ये तो वही जानता है, पुलिस की कार्यवाही नाकाफी साबित हो रही है, वहीँ अब महिला को बंधक बनाकर 21 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर लूटने के आरोप में पुलिस ने महिला के परिचित सहित तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिसमें चौंकाने वाला रहस्य खुला है। मामला है गुढ़ियारी थाना क्षेत्र में बदमाशों ने 24 फरवरी की दोपहर लूट की थी। पुलिस ने बदमाशों को सीसीटीवी फूटेज की पड़ताल कर गिरफ्तार किया है। घटना में शामिल दो बदमाशों का आपराधिक रिकार्ड रहा है।
इस मामले में एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि, गोगांव निवासी टिकेश्वरी रजक के यहां लूट के आरोप में दुर्ग निवासी सुनील चौहान उर्फ अप्पूस, विक्रम सिंह चौहान उर्फ दिवस तथा तीरेन्द्र चौहान उर्फ बंटी को गिरफ्तार किया है। विक्रम पूर्व में हत्या की नीयत से अपहरण करने के आरोप में जेल जा चुका है। तीरेंद्र मारपीट के आरोप में जेल जा चुका है। सुनील टिकेश्वरी को पूर्व से जानता था। उसे टिकेश्वरी के यहां सोने-चांदी के जेवर तथा डायमंड ज्वेलरी होने के बारे में पहले से जानकारी थी। सुनील ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर टिकेश्वरी के यहां लूट की प्लानिंग की थी। इस मामले में आरोपी परिचित निकले है।
ऐसे फंसे सीसीटीवी में बदमाश :
इस घटना के बाद पुलिस ने घटना स्थल से लेकर रेलवे स्टेशन तथा दुर्ग, भिलाई जाने वाले मार्ग में लगे एक हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की थी। पुलिस को गुढ़ियारी में एक जगह सीसीटीवी कैमरे में संदिग्ध दिख रहे दो लड़कों का फूटेज मिला। पहचान करने पर एक बदमाश की पहचान सुनील के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने सुनील को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर टिकेश्वरी के यहां लूट की घटना को अंजाम देना बताया।
रंजिश का बदला लेने लूट :
सुनील, टिकेश्वरी का दूर के रिश्तेदार है। एक वर्ष पूर्व किसी बात को लेकर सुनील का टिकेश्वरी के साथ विवाद हुआ था। सुनील आपराधिक प्रवृत्ति का था। इसलिए उसने रंजिश का बदला लेने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर टिकेश्वरी के यहां दो माह पूर्व लूट की योजना बनाई थी, जिसे उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया। इस लूट की घटना को अंजाम देने सीसीटीवी कैमरा से बचने तथा भागने के लिए रास्ता खोजने बदमाशों ने टिकेश्वरी के मकान की आठ दिन तक रैकी की थी। उसके बाद लूट करने पहुंचे थे। जिस सीसीटीवी कैमरे से बचने बदमाशों ने रेकी की थी, उसी कैमरे की मदद से मिले फूटेज के आधार पर पुलिस ने बदमाशों की पहचान कर गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।
ऐसे दिया घटना को अंजाम :
टिकेश्वरी गोगांव में अपने दो बेटों के साथ रहती थी। टिकेश्वरी का पति नहीं है। टिकेश्वरी अपने दो बेटों के साथ बर्फ फैक्ट्री में काम करने जाती थी। इस बात की जानकारी बदमाशों को पहले से ही थी। टिकेश्वरी अपने दोनों बेटों के साथ दोपहर में बर्फ फैक्ट्री में रहती है। इस वजह से बदमाश घटना दिनांक को दोपहर में महिला के घर पहुंचे थे। सुनील तथा उसका एक अन्य साथी एक बाइक में सवार होकर रायपुर पहुंचे। रायपुर पहुंचने के बाद सुनील ने अपनी बाइक की नंबर प्लेट निकाल दी और अपने साथ आए साथी को दूसरे बदमाश की बाइक में शिफ्ट कराकर सुनील आमापारा स्थित बर्फ फैक्ट्री की तरफ चला गया था। दो बदमाश महिला के घर पहुंचे, तो घर अंदर से बंद था। इसके बाद बदमाश दरवाजे को धक्का मारकर मकान के अंदर दाखिल हुए। महिला को सोते देख मुंह में नकाब बांधे बदमाशों ने महिला के हाथ, मुंह और पैर को गमछे से बांध दिया। इसके पैर को गमछे से बांध दिया। इसके बाद महिला के गले में चाकू टिकाकर आलमारी की चाबी मांगी। चाबी से आलमारी नहीं खुलने पर बदमाशों ने लोहे के औजार से आलमारी का ताला तोड़ कर लॉकर में रखे जेवर लेकर मौके से फरार हो गए। इस घटना से टिकेश्वरी सहम गई और कुछ समय बाद उसने थाने जाकर शिकायत दर्ज करवाई।



