पूर्व मंत्री के सेक्स सीडी काण्ड में भूपेश – विनोद सहित अन्य कोर्ट में पेश हुये, प्रकाश बजाज ने भी अपना दर्द किया था बयान।

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल लाने वाले सेक्स सीडी काण्ड में पूर्व मंत्री की छवि धूमिल की थी, उसी काण्ड का केस अब भी कोर्ट में चल रहा है, जिसमें तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश का नाम भी शामिल है, इस मामले में छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी कांड में मंगलवार को पूर्व CM भूपेश बघेल, विनोद वर्मा और कैलाश मुरारका रायपुर कोर्ट में पेश हुए। इस दौरान मामले में आरोपियों के वकीलों ने अपनी दलीले सामने रखी। वहीं पिछली बार की सुनवाई में CBI ने अपना पक्ष रखा था। दूसरी बार सभी आरोपियों ने कोर्ट में हाजिरी लगाई।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बचाव में जबलपुर हाईकोर्ट के सीनियर वकील मनीष दत्त ने कोर्ट में दलीलें पेश की है। उन्होंने कहा कि, बघेल को झूठे मामले में फंसाया गया है। भूपेश ने किसी भी प्रकार को कोई सीडी नहीं बनाई है और न ही सीडी बांटी। आगे कहा कि, उन्होंने किसी तरह का कोई अपराध नहीं किया है। कांग्रेस द्वारा बार- बार यही कहा गया है कि सीडी बनवाने वाले कांग्रेस से सम्बन्ध नहीं रखते , सिर्फ सीडी को सार्वजनिक तौर लहराने के कारण ही उन पर जबरदस्ती केस कर दिया गया और जेल में डाल दिया गया।

CBI ने सबूत होने का किया दावा :

पिछली सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने बताया था कि, कोर्ट में CBI बनाम कैलाश मुरारका और अन्य के विरुद्ध जांच पर बहस हुई थी। मामले में CBI ने बहस पूरी कर ली है, अब अभियुक्त के वकील बहस करेंगे। इस दौरान सभी आरोपी कोर्ट में पेश हुए हैं। वहीं मामले में  CBI ने इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस होने का दावा किया है। वहीँ कैलाश मुरारका को लेकर कुछ सूत्रों से कई दावे सामने आये है। जिनका कांग्रेस से सम्बन्ध होना नहीं बताया गया है।

क्या है सेक्स सीडी कांड :

यह मामला अक्टूबर 2017 में छत्तीसगढ़ में एक कथित सेक्स सीडी सामने आई थी। जिसे कथित रूप से पूर्व मंत्री राजेश मूणत का बताया गया था। इस मामले में सिविल लाइन थाने में एफआईआर भी दर्ज हुआ था। जिसके बाद पुलिस ने दिल्ली से पत्रकार विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया था। मामले को कांग्रेस ने तत्कालीन सरकार की साजिश बताई थी। वहीँ इस शिकायत में तत्कालीन मुख्यमंत्री के करीबी प्रकाश बजाज का नाम भी सामने आया था, जिसमें उसने भी शिकायत दर्ज करवाई थी। तब तत्कालीन सरकार बदल जाने के कारण उन्हें भी दो साल तक खौफ में जीना पड़ा, जिसका दर्द उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर किया था।

तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष बघेल को किया गया था गिरफ्तार :

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वहीँ इस मामले में पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ़्तारी के बाद सितंबर 2018 में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को भी गिरफ्तार किया गया था। बघेल पर मामले में उन पर साजिश रचने का आरोप लगा था। वहीं भूपेश बघेल ने जमानत देने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद कांग्रेस प्रदेशभर में भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया था। वहीं इसके बाद नवंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में जीतकर भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बने थे। जिसके बाद सत्ता में परिवर्तन हो जाने के कारण मामला ठंडा पड़ गया था।

2018 में CBI ने पेश की थी चार्जशीट :

कथित सेक्स सीडी कांड केस में कोर्ट ने कैलाश मुरारका, पूर्व CM के मीडिया सलाहकार रहे विनोद वर्मा, भूपेश बघेल, विजय पांड्या, विजय भाटिया को  मुख्य आरोपी बनाया गया है। वहीं इस केस के एक आरोपी रिंकू खनूजा की मौत हो चुकी है। मामले में CBI ने 2018 में चार्जशीट पेश की थी, लेकिन इस पर कोई आगे कोई सुनवाई नहीं हुई थी। अब रायपुर कोर्ट में CBI की चार्जशीट पर बहस चल रही है। वहीँ अब इस सुनवाई को तेजी सुना जा रहा है, वहीँ अब राज्य में फिर से सत्ता परिवर्तन हो चुका है, ऐसे में सीडी काण्ड का भूत एक बार फिर से बाहर आ गया है।

कोर्ट ने कहा मामले में कुछ नहीं मुकदमा चलाने का कोई आधार नहीं :

विनोद वर्मा और कैलाश मुरारका रायपुर के सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए। इस दौरान मामले में आरोपियों के वकीलों ने अपनी दलीले सामने रखी। वहीं पिछली बार की सुनवाई में CBI ने अपना पक्ष रखा था। दूसरी बार सभी आरोपियों ने कोर्ट में हाजिरी लगाई। वहीं देर शाम सीबीआई की विशेष अदालत ने फ़ैसला देते हुए कहा कि, पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ मुकदमा चलाने का कोई आधार नहीं है‌। अदालत ने उनके खिलाफ मुकदमे को खारिज कर दिया है। इस तरह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सीडी कांड मे बड़ी राहत मिली है।  

क्या है सेक्स सीडी कांड :

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अक्टूबर 2017 में छत्तीसगढ़ में एक कथित सेक्स सीडी सामने आई थी। जिसे कथित रूप से पूर्व मंत्री राजेश मूणत का बताया गया था। इस मामले में सिविल लाइन थाने में एफआईआर भी दर्ज हुआ था। जिसके बाद पुलिस ने दिल्ली से पत्रकार विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया था। मामले को कांग्रेस ने तत्कालीन सरकार की साजिश बताई थी। वहीँ इस मामले में पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ़्तारी के बाद सितंबर 2018 में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को भी गिरफ्तार किया गया था। बघेल पर मामले में उन पर साजिश रचने का आरोप लगा था। वहीं भूपेश बघेल ने जमानत देने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद कांग्रेस प्रदेशभर में भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।

भाजपा नेता प्रकाश बजाज बयान किया अपना दर्द :

भाजपा नेता प्रकाश बजाज ने अपनी फेसबुक पोस्ट के दौरान अपना दर्द बयान किया जिसमें उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 मई से मैं अपना घर-द्वार छोड़कर 2 वर्ष तक छत्तीसगढ़ की सीमा में भी दाखिल नहीं हो सका, मेरा फोन मुझे आने वाले फोन सब राडार पर होते, हर वक्त मेरे घर के सामने 12-15 तब के पुलिस लठैत/ बंदूक धारी खड़े रहते, और घर प्रभु आते, मेरे परिजनों की निरंतर जासूसी की जाती थी, मेरे मित्रों के फोन टेप होते उन्हें फोन करके धमकाते कि पता बताओ कहां है प्रकाश बजाज? बच्चों को डराया धमकाया जाता मुहल्ले वालों से धमका-चमकाकर पूछताछ की जाती। मेरे घर में घुसकर परिवार को आतंकित किया जाता था। अंततः में मुझे केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सीआरपीएफ की सुरक्षा दी गई। तब कहीं जाकर मैं अपने बच्चों से मिल पाया। इस पोस्ट में उन्होंने कांग्रेस के दीपक बैज को टैग किया है। पूरी पोस्ट यहाँ देख सकते है – https://www.facebook.com/prakash.bajaja.9