रायपुर : टाटीबंद में पुलिस ने मंगलवार देर रात जिस इनोवा कार से एक करोड़ 67 लाख रुपए की रकम जब्त की गई थी, अब उसी कार में एक और खुफिया चेंबर से गुरुवार को दो करोड़ 85 लाख रुपए और जब्त किया गया है। इस तरह से नोटों की कुल जब्ती 4.52 करोड़ रुपए की बात सच निकली है, यह मामला खुलने से पुलिस भी हैरान है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह पूरी रकम दिल्ली के किसी कारोबारी की है, जिसे नागपुर में छोड़ने दो ड्राइवर हायर किए गए थे। इस मामले में हवाला कारोबार से जुड़े किसी करीबी ने पुलिस को यह जानकारी दी थी। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रूकवाकर तलाशी ली तो डिक्की में बनाए गए खुफिया चेंबर से नोटों का बहुत बड़ा जखीरा मिला।
4.52 करोड़ रुपये के नोटों की जब्ती को लेकर आमानाका थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच आयकर अधिकारी कर रहे हैं। नोटों के स्त्रोत के बारे में आयकर अफसरों द्वारा ही कुछ बता पाने की बात कही जा रही है। पुलिस अफसरों के अनुसार हवाला की जांच पुलिस नहीं करती, इस वजह से उन्हें इस संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं है। इस संबंध में आयकर के अफसरों से नोटों के स्त्रोत के बारे में जानकारी पूछने पर अफसर जांच पूरी होने के बाद ही बात कह रुपए के संबंध में कुछ भी बता पाने को लेकर असमर्थता जताई है। वहीँ पुलिस ने भी जांच जारी रखी।
दूसरे चेंबर के बारे में पूछताछ में खुला राज :
करोड़ों रुपए की रकम के साथ पकड़े गए उप्र के मथुरा जिले के श्रीकांत और आगरा जिले के विनोद कुशवाहा से पुलिस ने गुरुवार को एक बार फिर नए सिरे से पूछताछ की है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कार में एक और चेंबर बने होने और उसमें 2.85 करोड़ रुपये होने की जानकारी दी, जिसके बाद दूसरे चेंबर की तलाशी लेने पर 2.85 करोड़ रुपए मिला। यह गुप्त चेंबर इस ढंग से बनाया गया था कि जिसे कोई भी आसानी से नहीं जान सकता था जब्त नोट फिलहाल पुलिस के कब्जे में है।
हर सप्ताह बड़ी रकम का लेनदेन :
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पुलिस ने भारत सीरीज की जिस कार को जब्त किया है। उक्त कार का उपयोग हवाला की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। बताया जा रहा है कि इस कार से हर सप्ताह पांच से दस करोड़ रुपए हवाला के माध्यम से नागपुर पहुंचाया जाता था। चूंकि बस या ट्रेन रूट से नोट जब्त होने का खतरा बना रहता है। लिहाजा हवाला कारोबार से जुड़े लोग कार में विशेष प्रकार का चेंबर बनाकर उसमें पैसे छिपाकर नागपुर पहुंचाने का काम करते थे। यह जानकारी इनसे दुश्मनी निकालने के चक्कर में अन्य हवाला कारोबारी द्वारा देने की बात सामने आई है।
जवाहरनगर, रामसागरपारा हवाला कारोबार का अड्डा :
लंबे समय से एमजी रोड से लगे जवाहरनगर और रामसागरपारा हवाला कारोबार का बड़ा अड्डा बना हुआ है। हवाला से जुड़े सूत्रों की माने तो जवाहरनगर में हवाला के एक रसूखदार बड़े कारोबारी के दफ्तर में रोज पांच से दस करोड़ रुपये इधर से उधर किया जाता है। इस कारोबारी के बारे में पुलिस के साथ ही आयकर को भी जानकारी है लेकिन राजनैतिक पहुंच के कारण उस पर कभी हाथ नहीं डाला गया। वहीँ इस मामले में पुलिस ने अभी कोई खुलासा नहीं किया है।



