धर्मान्तरण को लेकर राज्य सरकार गंभीर , राज्य में डेढ़ सौ से ज्यादा संस्थाओं को होती है विदेशी फंडिंग।

रायपुर : राज्य में धर्मांतरण के मामले तेजी से सामने आ रहे है, जिसको लेकर सरकार ने चिंता जाहिर की है, भोले-भाले आदिवासी हिन्दूओं को प्रलोभन देकर धर्मांतरित किया जा रहा है, जगह – जगह प्रार्थना सभा की आड़ में कई केस सामने आ रहे है, जिनको लेकर विरोध और बवाल भी सामने आ रहा है, ऐसे में अब छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में धर्मांतरण का मुद्दा गरमाया। विधायक अजय चंद्राकर ने विदेशी फंडिंग से धर्मांतरण का सदन में मुद्दा उठाते हुए अपने ही सरकार से सवाल किया है। जिस पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने जवाब देते हुए बताया कि, छत्तीसगढ़ में 153 संस्थाओं को विदेशी फंड मिलता है। फंड की निगरानी का काम केंद्र सरकार का होता है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि –  किसी तरह की शिकायत पर राज्य सरकार जांच करती है। राज्य में पूर्व में 364 संस्थानों को विदेशी फंड मिलता था। जिसमें से 364 में से 84 के फंडिंग पर रोक लगा दिया गया है। वहीं 127 की वैधता समाप्त हो गई है, 153 को फंड मिल रहा है। शिक्षण संस्थाओं को अलग- अलग विभाग से 200-300 करोड़ अनुदान दिया जाता है। इस तरह सदन में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जानकारी दी।

बदल रही शहरी क्षेत्र में डेमोग्राफी – चंद्राकर

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धर्मांतरण पर वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा- शहरी क्षेत्र में डेमोग्राफी बदल रही यह चिंता का विषय है। धर्मांतरण के खिलाफ वर्तमान कानून में बदलाव की जरूरत है।  प्रदेश में धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून आना चाहिए। विदेशी फंडिंग रोकने की ठोस व्यवस्था होनी चाहिए। गृह मंत्री ने सदन में भरोसा दिलाया जल्द कानून आयेगा। वहीँ इस मामले में आपको बता दें कि धर्मान्तरण को लेकर राज्य में इस कानून के तहत 100 से ज्यादा लोग जेल की हवा खा रहे है, और पुलिस की कार्यवाही भी लगातार हो रही है।