रायपुर : 2164 करोड़ रुपए से ज्यादा के शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ ईओडब्लू ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पूर्व आबकारी मंत्री से पूछताछ करने ईओडब्लू के डीएसपी और टीआई स्तर के दो अधिकारी सेंट्रल जेल पहुंचे। ईओडब्लू अधिकारी सेंट्रल जेल पहुंचे। ईओडब्लू के अफसर दोपहर 12 बजे के बाद जेल में पूछताछ करने पहुंचे। अफसरों ने पूर्व आबकारी मंत्री लखमा से तीन घंटे से ज्यादा लंबी पूछताछ की। पूछताछ करने अफसर अपने साथ सवालों की सूची साथ ले गए थे। वहीँ काफी देर तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से पूछताछ होती रही।
पूर्व आबकारी मंत्री से पूछताछ करने पहुंचे अफसरों ने कवासी लखमा से शराब घोटाला में उनकी भूमिका के बारे में पूछताछ की। इसके अलावा घोटाले में शामिल अन्य आरोपियों से संबंधों के बारे में पूछताछ की। साथ ही फाइलों में हस्ताक्षर करने के एवज में पैसे लेने के आरोपों के बारे में ईओडब्लू के अफसरों ने लखमा से पूछताछ की है। कवासी लखमा से ईओडब्लू के अफसर गुरुवार को भी पूछताछ करने सेंट्रल जेल जाएंगे। आपको बता दें की शराब घोटाले में कई रसूखदार पहले ही कार्यवाही की जद में आ चुके है।
पूर्व मंत्री ने कहा अफसरों के कहने पर हस्ताक्षर :
कवासी लखमा ने शराब घोटाला मामले में पैसा लेने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं। इस वजह से अफसर उन्हें फाइल पढ़कर सुनाते थे। कवासी लखमा ने अफसरों के कहने पर फाइल में हस्ताक्षर करने के पूर्व में दिए गए बयान को दोहराया है। वहीँ उनके बयान से ये जाहिर हो रहा है कि वो इस अपराध से बचने की कोशिश कर रहे है, वहीँ इस मामले में लोगों का कहना है कि क्या इतनी बड़ी पोस्ट पर उनके निजी सलाहकार नहीं थे, हर कोई अपने लिये ऐसे कामों के लिये अपना निजी ऑडिटर रखता ही है।
आज संपत्ति संबंधित सवाल :
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दूसरे दिन की पूछताछ में ईओडब्लू के अफसर कवासी लखमा से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में सवाल-जवाब कर सकते हैं। इसके अलावा कांग्रेस भवन निर्माण में दी गई राशि के आय के स्त्रोत के बारे में ईओडब्लू के अफसर लखमा से सवाल-जवाब कर सकते हैं। कवासी लखमा से पूछताछ करने के बाद ईओजब्लू के अफसर जरूरत पड़ने पर शराब घोटाला के अन्य आरोपियों से पूछताछ करने कोर्ट में आवेदन लगा सकते हैं। वहीँ पूर्व में लखमा के दिये गये बयानों से जाहिर है कि उन्हें दो करोड़ रूपये की रकम मिलती थी, जिससे कांग्रेस कार्यालय बनाने की बात सामने आ चुकी है।



