रायपुर : गुटखे के विज्ञापन को लेकर पहले भी कलाकार कार्यवाही के शिकार हो चुके है, वहीँ आपको बता दें की हर अभिनेता जिसका विज्ञापन करता है, जरुरी नहीं की वो उसका सेवन भी करता हो, तकनीकी रूप से सम्बंधित विज्ञापन को बनाया जाता है, जिससे उपभोक्ता विज्ञापन देखकर वैसा ही करने लगता है, ऐसे ही भ्रामक विज्ञापन को लेकर अभिनेता शाहरुख खान के खिलाफ रायपुर में केस दर्ज किया गया है। वही पांच अन्य लोगों को भ्रामक विज्ञापन करने और इसे प्रसारित करने के मामले में नोटिस जारी कर 29 मार्च को सुनवाई के लिए उपस्थित होने को कहा गया है। फिल्म स्टार शाहरुख खान को धमकी देने के आरोप में में गिरफ्तार हो चुके वकील फैजान खान ने फिर किंग खान को भ्रामक विज्ञापन मामले में नोटिस जारी किया है। उन्होंने शाहरुख सहित पांच अन्य लोगों को भ्रामक विज्ञापन करने और इसे प्रसारित करने के मामले में नोटिस जारी कर 29 मार्च को सुनवाई के लिए उपस्थित होने कहा है। वहीँ भ्रामक विज्ञापन मामला नया नहीं है, ऐसे मामले पहले भी कई बार लोग उठा चुके है।
इसको लेकर व्यवहार न्यायाधीश प्रीति कुजूर की अदालत में 11 मार्च को फैजान खान द्वारा अपने अधिवक्ता विराट वर्मा के जरिए आवेदन लगाया है। इसमें बताया गया है कि शाहरुख खान भ्रामक विज्ञापन कर आम जनता को गुमराह कर रहे हैं। उनके द्वारा विमल पान मसाला, फेयर एंड हैंडसम और रमी के विज्ञापन कर रहे हैं। यह मामला भ्रामक विज्ञापनों से जुड़ा एक कानूनी विवाद है। मिसलीडिंग एक्ट के इस तरह के विज्ञापनों को करने से आम जनता पर प्रभाव पड़ता है, जिससे आम जनता बिना सोचे समझे इनका शिकार हो जाती है।
इन विज्ञापनों के जरिए देश के युवाओं और बच्चों को गलत दिशा में ले जाया जा रहा है, जिससे कैंसर और गरीबी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उनका दावा है कि इन कंपनियों द्वारा प्रसारित विज्ञापन न केवल भ्रामक हैं, बल्कि समाज पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। इन विज्ञापनों को कैंसर जैसी घातक बीमारियों और सामाजिक बुराइयों को बढ़ावा देने का जिम्मेदार ठहराया गया है। इसे लेकर लगाए गए आवेदन पर कोर्ट ने संज्ञान में लेते हुए 29 मार्च को उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए गये हैं।
इनको दिया गया है नोटिस :
फिल्म स्टार शाहरुख खान, गूगल इंडिया (यूट्यूब इंडिया), अमेजन इंडिया (प्राइम वीडियो), नेटफ्लिक्स इंडिया, मैसर्स इमामी लिमिटेड (फेयर एंड हैंडसम), आईटीसी लिमिटेड (विमल पान मसाला), और हेड डिजिटल वर्क्स (ए23 रमी) को नोटिस जारी किया गया है। ये सब इस कार्यवाही की जद में आ गए है।
विज्ञापन में रोक की मांग :
आवेदनकर्ता फैजान खान के अधिवक्ता विराट वर्मा की दलीलों के बाद सिविल केस नंबर 99/2025 दर्ज किया गया। कोर्ट ने इस मामले में मानहानि, उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन, और बौद्धिक संपत्ति से जुड़े आरोपों को शामिल किया है। बता दें की कथित रूप से शाहरुख खान को धमकी देने के बाद फैजान खान को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था। हालांकि पूछताछ के दौरान मुंबई पुलिस को फैजान ने बताया था कि उनका मोबाईल चोरी हो गया था लेकिन वह पुख्ता साक्ष्य पेश नहीं कर पाए थे इसके चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
शाहरुख़ के साथ अक्षय और अजय भी हो चुके है कार्यवाही के शिकार :
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गुटखा विज्ञापन करके अजय देवगन, अक्षय कुमार और शाहरुख खान मुसीबत में फंसते हुए नजर आ रहे हैं। केंद्र सरकार ने तीनों कलाकारों को नोटिस जारी किया है। केंद्र सरकार ने एक अवमानना याचिका का जवाब देते हुए इलाहाबाद कोर्ट को बताया कि अक्षय, शाहरुख और अजय को गुटखे के विज्ञापन के मामले में पहले ही नोटिस भेजा जा चुका है। इस मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई हुई।
मई 2019 में कैंसर के मरीज ने अजय देवगन से की थी ये अपील :
राजस्थान स्थित जयपुर के 40 वर्षीय कैंसर के मरीज नानकराम ने फिल्म अभिनेता अजय देवगन से सार्वजनिक तौर पर अपील की थी कि वे समाज के हित में तंबाकू उत्पादों का विज्ञापन न करें। यह मामला मई 2019 का है, दरअसल जयपुर के सांगानेर, जगतपुरा और आसपास के क्षेत्रों में करीब एक हजार पर्चे चिपके हुए थे। इनमें देवगन को संबोधित कर बताया गया था कि वह और उनका परिवार कैसे और कितना तंबाकू खाता था और इसका कितना नुकसान उसे अब हो रहा है।
पर्चो में यह भी कहा गया है कि सिगरेट, शराब, तंबाकू जैसे उत्पादों के विज्ञापन बड़े अभिनेताओं को नहीं करने चाहिए। वहीं, मरीज के परिजनों का कहना था कि नानकराम अजय देवगन का फैन थे और वे जिस उत्पाद का विज्ञापन करते हैं, उसी का उपयोग करता था, लेकिन अब वे समझ गए हैं कि तंबाकू के उत्पाद उसकी सेहत पर बुरा असर डाल रहे हैं। ऐसे में भ्रामक विज्ञापनों और सेहत पर प्रभाव डालने वाले विज्ञापनों पर पाबंदी होनी चाहिये।



