नई दिल्ली : देश में लव जिहाद को लेकर कई बार सांप्रदायिक माहौल ख़राब हो जाता है, ये मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे है, अब एक नया चौंकाने वाला मामला भी सामने आया है। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक मुस्लिम लड़की ने कथित तौर पर एक हिन्दू लड़के कुलदीप को प्रेम जाल में फंसाकर उसका धर्म बदल दिया और फिर उसका खतना भी कराया और उसके हाथ पर बने महादेव के टैटू को भी मिटवा दिया।
फतेहपुर की इस घटना को कई हिंदी मीडिया मुस्लिम लड़की का लव जिहाद बता रहे है, हिन्दू संगठनों का दावा है कि ये हिन्दू धर्म और उसके प्रतीकों पर सीधा हमला है। लड़की की माँ, बहन, भाई, बहनोई और धर्म बदलने वाले मौलाना के खिलाफ कार्यवाही कि मांग और जेल भेजने कि बात कही जा रही है। वहीँ हिन्दू संगठनों ने कहा है की अगर पुलिस और प्रशासन इस मामले में कुछ नहीं करता है, तो बजरंग दल के लोग खुद सब देख लेंगे।
फतेहपुर के एक ख़ास क्षेत्र का माहौल गर्म है। इस क्षेत्र के अमन पसंद लोगों का कहना है, हमारा फतेहपुर ऐसा नहीं था, जैसा अब इसे बनाया जा रहा है। यहाँ कोई हिन्दू- मुसलमान करके माहौल बिगाड़ना चाहता है। ये पति- पत्नी और दो परिवारों का झगड़ा है, लेकिन इसे अब साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा शासित राज्यों में लव जिहाद गंभीर मुद्दा :
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित अन्य भाजपा शासित राज्यों में आजकल कथित लव जिहाद एक ज्वलंत मुद्दा बना हुआ है। कहा जाता है कि मुसलमान लड़के लव जिहाद कर हिन्दू लड़कियों को अपने प्रेम जाल में फंसा रहे हैं। लड़की तो लड़की है, मुसलमान लड़कियां भी हिन्दू लड़के को अपने प्रेम जाल में फंसाकर उसे मुसलमान बना रही हैं। हिन्दू-मुस्लिम के बीच अपनी मर्ज़ी से होने वाली शादियों और कुछ आपराधिक मामलों में मुस्लिम नौजवानों की संलिप्तता को लव जिहाद बताया जा रहा है। हाल के दिनों में भोपाल, उज्जैन, इंदौर, उत्तराखंड और जयपुर में आपराधिक किस्म के मुस्लिम नौजवानों और व्यक्तियों द्वारा हिन्दू लड़कियों को टारगेट कर उनका यौन शोषण करने के मामले सामने आये थे। इन घटनाओं ने पूरे इस्लाम और मुसलमानों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। भोपाल और उत्तराखंड की घटनाओं के बाद मुस्लिम समाज ने उन आरोपियों का सार्वजनिक तौर पर सामाजिक बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है।
पत्नी ने दबाव डालकर करावा दिया खतना : कुलदीप
फतेहपुर जिले के आबूनगर के रहने वाले कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया था कि फतेहपुर के ही सैयदवाड़ा मोहल्ले में रहने वाली एक मुस्लिम लड़की अल्फिया से उसने 6 अप्रैल 2023 को लव मैरिज की थी। शादी के पहले उसने अपना धर्मांतरण कर कुलदीप से राशिद बन गया। फिर एक मौलाना ने उसका निकाह पढ़ाया। बाद में पत्नी और ससुराल वालों के दबाव की वजह से कुलदीप से राशिद बने नौजवान ने 2024 में अपना खतना भी करवा लिया। कुलदीप का दावा है कि पत्नी और ससुराल वालों ने उसके हाथ पर बने ‘ॐ’ के टैटू को भी मिटाने की कोशिश की थी।
मुस्लिम लड़की से शादी करने के लिए कुलदीप के घर वालों ने उसका भारी विरोध किया, जिसकी वजह से कुलदीप अपनी पत्नी अल्फिया के साथ घर से दूर एक किराए के मकान में रहने लगा। इस घटना से क्षेत्र में बड़ा बवाल मचा था।
कुलदीप ने बताया कि उसकी बीवी अल्फिया ने पिछले माह 2 अप्रैल 2025 को ज्वालागंज नर्सिंगहोम में एक बेटे को जन्म दिया। बच्चा सिजेरियन ऑपरेशन से हुआ, जिसका खर्च कुलदीप ने वहन किया। इसके बाद उसकी सास और साले ने 22 अप्रैल को उसकी पत्नी को भड़का कर अपने घर ले गए। कुछ दिनों बाद जब कुलदीप अपनी पत्नी और बच्चे से मिलने और उसे वापस अपने किराए के घर में लाने गया तो उसके ससुराल वालों ने पत्नी और बच्चे को उसके साथ भेजने से मना कर दिया, और उसके साथ मारपीट की। साथ ही उसे जान से मारने की धमकी भी दी। घर से पत्नी को सास-साले 22 अप्रैल को भड़का कर अपने यहां ले गए। वह पत्नी और बेटे से मिलने ससुराल गया, जहां सास फरीदा, साले सूफियान, साढ़ू पप्पू, तुर्की, वारिस ने पत्नी को साथ भेजने से मना कर दिया।
योगी राज में भी ये लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं : धर्म्नेद्र सिंह
इस मामले में बजरंग दल के जिला जनसेवक धर्म्नेद्र सिंह कहते हैं, ” कुलदीप को राशिद किसने बनाया और किसके परमिशन से बनाया गया। इसकी जानकारी हमें होनी चाहिए. ये सीधे तौर पर हिन्दू धर्म और उसके प्रतीकों पर हमला है। उसका हाथ पर बने ओम का टैटू क्यों हटाया गया ? क्या विवाह के पहले कानूनी तौर पर उसका धर्म बदला गया ? सरकार से इसकी परमिशन ली गई ? इस मामले में मौलाना और अल्फिया के परिवार के सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। ” धर्म्नेद्र सिंह ने आगे कहा, ” ये लोग योगी राज में भी नहीं सुधर रहे हैं, तो हमलोग इन्हें सुधारेंगे।”
कुलदीप हमसे राशिद बनकर मिला और शादी की : अल्फिया
अल्फिया ने बताया की उसकी मुलाकात 2022 में कुलदीप से जब हुई तो उसने खुद का नाम राशिद बताया था। दो साल तक दोनों ने फ़ोन पर बातें की और उन दोनों में कई बार मुलाकात हुई। फिर दोनों ने 2023 में निकाह कर लिया। राशिद ने अल्फिया को बताया कि वो उसके घर वाले इस शादी से नाराज़ हैं, इसलिए उसे किराए के कमरे में रखा। 1 साल बाद जब उसने राशिद से अपने घर वालों से मिलाने की जिद की, तो पहली बार वो उसे अपने घर ले गया। तब उसकी माँ गीता देवी ने बताया कि उसका पति राशिद नहीं बल्कि उसका बेटा कुलदीप है। कुलदीप की माँ गीता, पिता, बहन और भाई ने अल्फिया को मुसलमान होने के लिए अपमानित किया और घर अपवित्र करने का इलज़ाम लगाकर अपने घर से बाहर निकाल दिया।
अल्फिया का आरोप है कि जब उसका बच्चा हुआ तो एक बार फिर वो अपने ससुराल गयी, जहाँ उसे और उसके बच्चे को हिन्दू धर्म में धर्मांतरण कराया गया, और उसके साथ मारपीट कर उसे घर से भगा दिया गया। उसके पति का व्यवहार भी बदल गया।
इस मामले में कुलदीप और अल्फिया दोनों झूठ बोल रहे हैं. दोनों खुद को निर्दोष और मासूम बताकर दूसरे को अपराधी बता रहे हैं। दरअसल, दोनों के बीच लड़ाई झगड़े की वजह उसका बच्चा है, जिसे कुलदीप हिन्दू और माँ अल्फिया मुसलमान बनाना चाहती है। दोनों का परिवार भी यही चाहता है। यहीं से विवाद पैदा हुआ और अल्फिया ने 24 अप्रैल को थाने में शिकायत दर्ज कराई। अल्फिया की शिकायत के लगभग 1 माह बाद थाने में कुलदीप की तरफ से शिकायत दर्ज कराई गई है। दोनों ने एक दूसरे पर धोखा देकर शादी और जबरन धर्म बदलने का इलज़ाम लगाया है।
इन दोनों के रिश्ते किसी लोक अदालत या परिवार अदालत में निपटाए जा सकते थे। दोनों की काउंसेलिंग की जा सकती थी, लेकिन इसमें हिंदूवादी संगठनों ने बीच में पड़कर दो परिवार के मसले को हिन्दू मुसलमान का मसला बना दिया गया है। अब इस मामले में ये देखना दिलचस्प होगा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की न्याय की गारंटी की हकदार अल्फिया भी है या ये वादा सिर्फ कुलदीप से किया गया है?



