GST की कार्यवाही से भड़के व्यापारी, लक्ष्मी ट्रेडर्स के यहां 6 माह में तीसरी बार मारा छापा, अधिकारियों पर लगा अवैध वसूली का आरोप।

सरगुजा : आए दिन GST अधिकारियों कि कार्यवाही पर सवाल उठ रहे है, कारोबारी इनसे काफी परेशान है, आये दिन अधिकारी कहीं ना कहीं छापा मार ही रहे है, ऐसे ही अंबिकापुर में जीएसटी की छापेमार कार्यवाही से व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। टैक्स चोरी की शिकायत पर जीएसटी की टीम ने रिंग रोड स्थित लक्ष्मी ट्रेडर्स की दुकान में छापा मारा है। 6 महीने के अंदर जीएसटी ने तीसरी बार लक्ष्मी ट्रेडर्स के यहां छापेमार कार्यवाही की है। इस छापेमारी से आक्रोशित शहर के व्यापारियों ने कार्यवाही का विरोध किया है। आपको बता दें कि कुछ कारोबारियों कि शिकायत के आधार पर राज्य में कुछ GST अधिकारी अवैध वसूली के आरोप में कार्यवाही का शिकार हुये है।

वहीँ इस मामले में भी व्यापारियों ने जीएसटी की टीम पर अवैध वसूली और जबरन परेशान करने का आरोप लगाया है. कार्यवाही पर विराम नहीं लगने पर दुकानें बंद कर चाबी जीएसटी अधिकारी को देने की बात भी कही है। चैंबर ऑफ कॉमर्स के जिला अध्यक्ष अजीत अग्रवाल ने कहा, जीएसटी की छापेमार कार्यवाही से व्यापारी आर्थिक, मानसिक, शारीरिक हर रूप से परेशान हैं। निष्कर्ष अभी तक कुछ नहीं निकल पाया है। प्रथम दृष्टया व्यापारी से कोई गलती होती है तो उसे सुधार करने की समझाईश देनी चाहिए। इसके बाद भी कुछ गलती करते हैं तो कार्यवाही करें, इसमें कोई भी व्यापारी कुछ नहीं बोलेगा। लेकिन कार्यवाही जबरन कि जा रही है।

छापेमारी से परेशान व्यापारी आत्महत्या करने मजबूर : चैंबर जिलाध्यक्ष

इस मामले पर चैंबर ऑफ कॉमर्स के जिला अध्यक्ष अजीत ने कहा, जीएसटी नियम में इतने संशोधन हुए हैं कि सीए को भी ठीक से जानकारी नहीं है तो व्यापारी को कहां से नियम मालूम रहेंगे। इसके लिए जीएसटी न कोई कार्यशाला लगाती है न व्यापारियों के साथ बैठक करते हैं। सीधे व्यापारियों के यहां धावा बोला जाता है और अवैध वसूली की जाती है। लक्ष्मी ट्रेडर्स में 6 माह में तीसरी बार छापा पड़ने से व्यापारी परेशान होकर आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गया है। कितना बार छापा मारा जायेगा?

कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा – गलत तरीके से कार्यवाही न हो

कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र तिवारी ने कहा, कोविड के बाद से व्यापारी वर्ग आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। वहीं जीएसटी के अधिकारी अवैध वसूली करने में लगे हैं। अनाप-शनाप पैनाल्टी थोपा जा रहा है। इससे व्यापारी वर्ग परेशान हैं। जीएसटी अधिकारी से मुलाकात कर हमने अपनी बात रखी है कि गलत तरीके से कार्यवाही न हो। छापेमारी के नाम पर परेशान न करें।

वहीँ इस मामले में आपको बता दें कि एक आम व्यापारी को कारोबार इस समय ठीक नहीं चल रहा है, नोटबंदी से बाज़ार ठप हुआ, फिर GST कानून लागू करने महंगाई बढ़ी जिससे कारोबार में कमी आई, फिर कोरोना से व्यापार कि कमर टूटी, बाज़ार में लोगों का काफी पैसा डूबा, ऑनलाईन बाज़ार ने नीचले कारोबारियों का व्यापार ही खत्म कर दिया, उसके बाद जीएसटी के नाम पर लगातार परेशान किया जा रहा है।