सौतेले अब्बू और मामा के कारण महक खान ने बरेली के ऋषि राय से की शादी, जाने क्या था कारण?

बरेली (उ.प्र.) : एक लड़की के लिए उसके पिता का घर सबसे सुरक्षित होता है, लेकिन क्या हो जब पिता गुजर जाए और सौतेला बाप गंदी नजर रखने लगे? ऐसा ही दर्द झेला है उत्तराखंड के काशीपुर की रहने वाली महक खान ने। महक के पिता वसीम अहमद की मौत के बाद उसकी मां शबाना खान ने दूसरी शादी करली थी, लेकिन उसका सौतेला अब्बू महक पर गंदी नजर रखने लगा था। इसके बाद महक की पूरी जिंदगी ही बदल गई। उत्तराखंड और बरेली से संबंध रखने वाली महक खान ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उसे ये फैसला भी लेना पड़ जायेगा। उसे बरेली के ऋषि राय से प्यार तो हुआ। मगर उसके अपने ही घर में उसके साथ जो हुआ, वह बेहद चौंकाने वाला था।

मां की दूसरी शादी के बाद महक खान अपने सौतेले अब्बू के घर रह रही थी। यहां हर दिन वो घुट-घुटकर जीती थी, क्योंकि उसका सौतेला अब्बू गंदी नजर रखता था। इसके बाद उसे ननिहाल भेज दिया गया। आरोप है कि यहां उसके मामा ने भी गंदी नजर रखनी शुरू कर दी और उसका फुफेरा भाई महक पर निकाह करने का दबाव बनाने लगा, उसे लगातार प्रताड़ित किया गया। उसे लगा कि यहां उसे सुरक्षा मिलेगी और वह भविष्य के बारे में सोच पाएगी। मगर यहां मामा ने भी अपनी गंदी नजर उसपर रखनी शुरू कर दी। ये देख वह इतनी आहत हुई कि उसने अपना पुराना जीवन त्याग दिया इस सबसे महक इतना आहत हुई कि उसने इस्लाम धर्म छोड़कर सनातन धर्म अपना लिया है।  

प्रेमी ऋषि राय संग रचाई शादी :

अपने सौतेले अब्बू, मामा और फुफेरा भाई की ओछी हरकतों से महक इतनी परेशान हुई कि उसने धर्म परिवर्तन कर बरेली के युवक ऋषि राय से शादी कर ली। महक की मुलाकात ऋषि से करीब तीन साल पहले बरेली में हुई थी। धीरे-धीरे दोनों की मुलाकात दोस्ती प्यार में बदल गई। महक उन दिनों अपने माता-पिता के साथ बरेली में रहती थीं। आचार्य के.के शंखधार ने महक और ऋषि का विवाह हिंदू रीति-रिवाज के साथ कराया है। महक और ऋषि दोनों के परिजन शादी के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं। वहीँ इसके बाद इन लोगों ने आपस में अपनी मर्जी से अब शादी कर ली है।

हलाला और हिजाब पसंद नहीं :

वहीँ महक खान ने आरोप लगाया है कि उनका फुफेरा भाई भी उसे परेशान करता था। उसने महक से निकाह करने का दबाव बनाया था और घरवाले भी उसकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। महक को इस्लाम धर्म में होने वाले हलाला, बहुविवाह और हिजाब भी पसंद नहीं है। इसलिये उसने हिंदू धर्म में आस्था दिखाते हुए सम्मान और सुरक्षा की भावना से अपनी स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन कर लिया है। उसने इस्लाम कि रीतियों को लेकर अपना विरोध जताया।

अपनों की गंदी नजर से बचते हुए ऋषि से हुआ प्यार :

महक खान सौतेले पिता के यहां से अपने ननिहाल आई। मगर यहां भी उसके मामा उसपर गंदी नजर रखने लगे। ये देख युवती डर गई। महक कहती है, मामा भी उस पर गलत नजर डालने लगे। दरअसल 3 साल पहले महक अपने अब्बू-अम्मी के साथ बरेली में रहती थी। यहां पास में ही ऋषि राय का घर था। दोनों के बीच अक्सर मुलाकात हो जाती थी और दोनों दोस्त बन गए थे। युवती के साथ जो भी होता, वह ऋषि को बताती। ऐसे में ये दोनों लगातार करीब आते गए। दोनों के बीच करीबियां हुई और दोनों को प्यार हो गया। मामा की हरकत देख महक ने अपने परिवार से सारे रिश्ते खत्म करने का फैसला किया और बरेली आकर प्रेमी ऋषि राय के साथ शादी कर ली।

हिंदू धर्म में सम्मान और सुरक्षा मिली – महक

महक और ऋषि बरेली में पंडित के.के शंखधार के पास गए। सारी कहानी बताई और अपने दस्तावेज दिखाए। फिर महक ने हिंदू धर्म अपनाकर ऋषि से पूरी रीति रिवाजों के साथ शादी की। इस दौरान युवती का शुद्धीकरण भी किया गया। ऋषि के साथ शादी करने के बाद महक ने कहा, उसे हमेशा हलाला, 4 शादियां और 3 तलाक से डर लगता था। मुझे हिंदू धर्म में सम्मान, सुरक्षा और अपनापन मिला है। ऐसे में उसने शादी कर ली है और धर्म परिवर्तन भी कर लिया है। बता दें कि महक ने मदरसे में पढ़ाई की है। इस तरह से महक ने इस्लाम छोड़कर हिन्दू धर्म में अपनी नई जिन्दगी कि शुरुआत की है।