रायपुर : आम जनता लगातार अपने सन्देश भेजकर पत्रकारों से पूछ रही है कि नगर निगम रायपुर का चुनाव कुछ वादों के सहारे पर भाजपा ने जीता था, अब ऐसे में यूजर चार्ज कि छूट का वादा प्रमुख था, जबकि उसमें छूट देने के बजाय निगम की सत्ता द्वारा खाली प्लाटों पर भी टैक्स लगाने की जानकारी सामने आ रही है, ऐसे में जनता के साथ यह बड़ा छलावा है। सरकार किसी को भी हो वह विकास के नाम पर जनता पर ही करारोपण करती है। ऐसे में जहाँ प्रमोद दुबे के महापौर रहते समय 50/- मासिक यूजर चार्ज लिया जाता था तो एजाज़ ढेबर के समय इसे सालाना 250/- किया गया था, तत्कालीन विपक्षी पार्टी भाजपा ने इसका पुरजोर विरोध किया था, उसके बाद अगले साल तत्कालीन महापौर एजाज़ ढेबर द्वारा बेतहाशा यूजर थोपा गया था, जिसको कम करने के चुनावी वादे पर भाजपा ने चुनावी जीत हासिल की, जिसमें इसका अहम योगदान था, जबकि जीत के पहले पहले वर्ष आम जनता को इसका कोई लाभ नहीं मिल पाया है और अगले वर्ष कि टैक्स वसूली भी शुरू कर दी गई है, जिसमें निगम में फंड कि कमी का रोना रोया जा रहा है। इस तरह आम जनता से यूजर चार्ज कि जबरिया वसूली अब भी जारी है। जिसको लेकर आम जनता में काफी आक्रोश है। इस मामले में महापौर मीनल चौबे को कई बार फोन लगाया गया पर उन्होंने उठाया नहीं। वहीं आम कार्यकर्ता इस सवाल का जवाब देने से बचते रहे। इस तरह आम जनता को आगे भी इसकी राहत मिल पाने की कोई उम्मीद नहीं है।



