कलंदरी मस्जिद के सामने पथराव के बाद प्रशासन का बड़ा एक्शन, पत्थरबाजों के खिलाफ एक्शन शुरू, अवैध मकानों पर चला बुलडोजर।

जयपुर (राजस्थान) : जयपुर के पश्चिम डीसीपी हनुमान प्रसाद के अनुसार एक कलंदरी मस्जिद है, जहां अतिक्रमण को लेकर काफी लम्बे समय से विवाद चल रहा था, यहाँ सड़क पर निर्माण सामग्री लम्बे समय से रखी हुई थी। यहाँ एक पक्ष ने स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लिया, लेकिन कुछ लोगों ने इसे स्थायी रूप से फिर से स्थापित करने की कोशिश की। जिसको लेकर अब बड़ी खबर जयपुर के चौमूं से सामने आ रही है। यहां नोटिस चस्पा करने के बाद अब आज सुबह से ही पत्थरबाजों के घरों पर बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया गया। बता दें कुछ दिन पहले ही प्रशासन ने अवैध रूप से बने मकानों पर नोटिस चस्पा किया था, इसके बाद अब आज सुबह से ही प्रशासन की टीम मशीनों के साथ पहुंच चुकी थी। यहां चौमूं में अवैध निर्माण को गिराने का काम शुरू कर दिया। पुलिस ने 24 पत्थरबाजों के घरों पर नोटिस चस्पा किया था और इन्हें 1 जनवरी तक की मोहलत दी गई थी। बता दें कि चौमूं में हुए पथराव मामले में अब तक 19 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। यहाँ मुस्लिम समाज बहुसंख्यक बताया गया है।

20 मकानों पर चस्पा किया था नोटिस :

दरअसल, चौमूं में हाल ही में हुए विवाद के बाद सरकार सख्त मोड में नजर आ रही है। प्रशासन और नगरपरिषद ने संयुक्त कार्यवाही की तैयारी शुरू कर दी है। पत्थरबाजी प्रकरण के बाद आरोपियों के अवैध निर्माणों पर नगरपरिषद द्वारा शहर के करीब 20 स्थानों पर नोटिस चस्पा किए गए थे। इनमें अवैध रूप से संचालित बूचड़खाने और उनके बाहर बनाई गई सीढ़ियां व रैंप भी शामिल हैं। नगर परिषद ने 20 से अधिक अवैध बूचड़खानों को नोटिस जारी कर तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया था, अब बाकी के कब्जे भी हटाये जायेंगे।

क्या है मामला?

मामला है जयपुर के चौमूं इलाके में पठान मोहल्ला है। यहां मुस्लिमों की तादाद अच्छी खासी है। इसी पठान मोहल्ले के बाहर कलंदरी मस्जिद है, जिसे लेकर ये सारा फसाद हुआ था। मस्जिद के बाहर बड़े बड़े पत्थर कई सालों से पड़े थे, जिससे ट्रैफिक जाम होता था। इन पत्थरों को हटाने के दौरान भारी बवाल हो गया, नाम बताने की शर्त पर एक युवक ने बताया कि बवाल के मामले होने पर इसका प्रयोग किया जा सकता था। मस्जिद कमेटी के साथ बैठक में पत्थर हटाने पर सहमति बनी थी, लेकिन पत्थर हटाने पहुंची टीम पर हमला कर दिया गया और जमकर पथराव किया गया। इसके बाद प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है।

पठान मोहल्ले की सख्त निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था और इस दौरान छतों पर ईंट-पत्थर और बोतलें मिली थीं। पठान मोहल्ले की छतों पर पहले से ईंट पत्थर जमा कर रखे गए थे। कई घरों की छतों पर बोतलें भी रखी मिली थीं। ड्रोन तस्वीरें लेने के बाद बड़ी साजिश का बड़ा खुलासा हुआ था। घरों की छतों पर ईंट पत्थर बोतलें रखी मिलीं, जो इस बात के संकेत थे कि पूरी योजना के साथ हमला किया गया था। वहीं कथित तौर पर बैनर फाड़ने के आरोप में भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी, पूर्व मंत्री और भाजपा नेताओं श्रीरामुलु, शेखर, अलीखान और सोमशेखर रेड्डी सहित 11 लोगों के खिलाफ ब्रूसपेट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।

पुलिस ने अब तक 34 नामजद लोगों पर एफआईआर की है और 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। यहां पुलिस और नगर निगम की टीम पर पत्थर बरसाए गए थे। सारा फसाद मस्जिद के बाहर शुरू हुआ और पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। शुक्रवार तड़के पठान मोहल्ले से पत्थरों की बारिश होने पर पुलिस एक्शन में आई और रैपिड एक्शन फोर्स को भी बुलाया गया था।