सहारनपुर (उ.प्र.) : वैसे तो भारतीय संस्कृति में कहीं भी महिला के लिये अपमानजनक बातें नहीं कही जाती है, लेकिन वर्तमान में जिस तरह से आजकल महिलाओं विभिन्न प्रकार के चौंकाने वाले काण्ड कर रही है, उसने पुरुष वर्ग के लिए बड़ी मुसीबतें खड़ी कर दी है। वहीँ आपको फिर से याद दिला दें कि बहुचर्चित अतुल सुभाष कांड जैसे मामले उस समय लगातार सुर्ख़ियों में बने रहे, जिन्होंने पत्नी से प्रताड़ित होकर आत्महत्या कर ली। वहीँ अब इस युवक ने भी बड़ी हिम्मत दिखाई है और न्याय के लिये लड़ रहा है, मामले के अनुसार भीषण ठंड के बीच सहारनपुर जिलाधिकारी ऑफिस के बाहर आकर एक शख्स ने चटाई बिछाई और भूख हड़ताल पर बैठ गया। शख्स का नाम रवि कुमार दलित है।
रवि ने अपनी पत्नी के खिलाफ अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। ये कहानी शुरू हुई थी 2 जुलाई 2018 को, जब रवि ने बड़ी उम्मीदों के साथ राधिका के गले में वरमाला डाली थी। रवि को लगा था कि उसका घर बस गया है, लेकिन उसे क्या पता था कि वह अपनी ही तबाही को दावत दे रहा था। उसके साथ जो घटित हुआ, वह बहुत ही परेशान करने वाली कहानी है।
सिर्फ धोखा ही नहीं दिया, बल्कि दर्द भी बड़ा दिया है :
सामने आया मामल इस प्रकार है, राधिका घर में पत्नी बनकर आई थी, लेकिन उसकी नजरों में रवि के लिए प्यार नहीं, बल्कि उसके जेवरों और मेहनत की कमाई पर लालच था। मामले में आरोप है कि एक रात जब सब सो रहे थे तब राधिका अपने आशिक संग भाग गई थी और राधिका सिर्फ फरार ही नहीं हुई बल्कि अपने साथ अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर और वो नकदी भी ले गई थी, लेकिन ये तो सिर्फ शुरुआत थी, जिसके बाद असली खेल तो तब हुआ जब राधिका ने रवि पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज करा दिया, जिससे रवि के लिए चौतरफा मुसीबत खड़ी हो गई। वहीँ सालों तक रवि अदालतों के चक्कर काटता रहा और वकीलों की फीस भी भरता रहा। आखिरकार सच की जीत हुई और वह बेगुनाह साबित हुआ। लेकिन उसकी पूंजी और पैसे के साथ जिन्दगी का कीमती समय भी बर्बाद हो गया।
राधिका के अवैध संबंध थे दीपक से, दोनों को हुआ बेटा :
अगस्त 2023 में रवि को पता चला कि राधिका ने बिना तलाक लिए दीपक नाम के युवक के साथ घर बसा लिया है। आज उसका एक बच्चा भी है। अपनी पत्नी की शिकायत रवि ने मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर एसएसपी की दहलीज तक की लेकिन बदले में उसे मिली सिर्फ दिलासा। रवि अब अपनी पत्नी के खिलाफ करवाई की मांग को लेकर ही भूख हड़ताल पर बैठ गया है। वहीँ कड़कती ठंड में अपने लिये न्याय मांग रहा है।
‘बकरी नहीं, शेर बनकर मरूंगा’ :
माता-पिता को खो चुके और गंभीर बीमारी से जूझ रहे रवि का हौसला अब भी फौलादी है। वहीँ भूख हड़ताल पर बैठे रवि ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए संविधान की दुहाई दी है। वह अपने लिये न्याय पाने के लिए किसी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा। रवि ने कहा है कि, “पुलिस ने आरोपियों से हाथ मिला लिया है। मेरी चोरी हुई चीजें आज तक बरामद नहीं हुईं हैं। वहीँ अब बहुत हो चुका है 100 दिन बकरी की तरह घुट-घुट कर जीने से अच्छा है कि मैं हक के लिए लड़ते हुए एक दिन शेर की तरह मर जाऊं। जब तक न्याय नहीं, तब तक अन्न का एक दाना भी हलक से नीचे नहीं उतरेगा।” रवि ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा तब तक वह अपनी भूख हड़ताल खत्म नहीं करेगा। चाहे जो हो जाये वह अंतिम सांस तक न्याय के लिये लड़ेगा।



