अंबिकापुर/बैकुंठपुर : छत्तीसगढ़ में जहाँ अश्लील डांस को लेकर बवाल मचा हुआ है, वहीँ अब मंत्री के बयान के बाद भी बवाल मच गया है, मामला है सूरजपुर रेस्ट हाउस में बार बालाओं के अश्लील डांस का वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसे छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने गंभीरता से लेने की बजाय ‘कला तो कला है’ कहकर एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। अब इस मामले में आम लोगों ने नाराजगी जताई है। उन्केईस बयान से जहाँ हिंदूवादी संगठन नाराज है तो वही इस बयान को पीसीसी चीफ दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति का अपमान बताया है।
मंगलवार को कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर पहुंचे मंत्री नेताम से जब सूरजपुर जिले के रेस्ट हाउस से सामने आए अश्लील डांस वीडियो पर सवाल किए गए, तो उन्होंने कहा, कला तो विविध क्षेत्र की कला ही है। अगर रेस्ट हाउस में भी कला जागृत हो जा रही है, तो क्या कहेंगे? वहीँ इस मामले में मंत्री नेताम ने आगे कहा कि कला का क्षेत्र बहुत विस्तृत होता है। सिर्फ धार्मिक भजन या सीता राम नाम का जाप ही शामिल नहीं होता। उन्होंने धार्मिक आयोजनों, स्कूलों और सामाजिक कार्यक्रमों में होने वाले नृत्य का उदाहरण देते हुए रेस्ट हाउस के इस आयोजन को भी कला से जोड़ दिया। जिसके बाद मच गया, लोगों को अश्लील नृत्य से धार्मिक भजनों की तुलना करना नागवार गुजरा।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति का अपमान :
मंत्री के इस बयान पर कांग्रेस ने भी कड़ा एतराज जताया है। इस मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने पलटवार करते हुए कहा कि अश्लील डांस को कला कहना छत्तीसगढ़ की संस्कृति का अपमान है। दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी के मंत्री जिस चीज को कला बता रहे हैं, वह छत्तीसगढ़ की परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों से मेल नहीं खाती है, उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों को यदि कला कहा जा रहा है, तो यह केवल भाजपा की सोच हो सकती है, छत्तीसगढ़ की संस्कृति नहीं। आम लोगों ने इसे राज्य की संस्कृति से छेड़छाड़ बताया।



