बलौदाबाजार : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में 10 जून 2024 को कलेक्टर-एसपी कार्यालय में आगजनी की घटना ने जहां प्रदेश व देश को झकझोर कर रख दिया था, तो वहीँ इस घटना से राज्य का नाम काफी खराब हुआ था, इस घटना से शांतिप्रिय सतनामी समाज की साख को भी बड़ा झटका लगा था, जिसके कारण सतनामी समाज को खेद भी व्यक्त करना पड़ा था। वहीँ अब इस मामले में लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी जारी है। इस मामले में बलौदाबाजार पुलिस ने जोहार छत्तीसगढ़ एवं छत्तीसगढ़ क्रांति सेना प्रमुख अमित बघेल को प्रोडक्शन वारंट में रायपुर जेल से गिरफ्तार किया है और सीजेएम कोर्ट में पेश किया।
फिलहाल पुलिस की तरफ से इस मामले में कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है कि घटना के 19 माह बाद पुलिस ने अमित बघेल व उनके साथियों की गिरफ्तारी क्यों की है, वहीँ इसे अमित बघेल और समर्थकों ने षड्यंत्र बताया है। जबकि लम्बे समय से बलौदाबाजार हिंसा मामले में पुलिस की कार्यवाही लगातार जारी है। इसी कड़ी अमित बघेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने बुधवार, 14 जनवरी 2026 को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख एवं प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी थाना सिटी कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 378/2024 के तहत की गई है। वहीँ बीते दिनों भगवान झुलेलाल और महाराजा अग्रसेन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में भी कार्यवाही जारी है, तो दूसरी तरफ आदिवासी समाज के रवि ध्रुव ने भी अमित बघेल के ऊपर भगवान बुढादेव की मूर्ति बनवाने के नाम पर कांसा घोटाला करने का आरोप भी लगाया है, जबकि अमित बघेल पर भयादोहन के मामले भी पहले से ही दर्ज है।
वहीँ पुलिस का आरोप है कि 10 जून 2024 को हुई हिंसा और आगजनी की घटना में अमित बघेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस मामले में अब तक 201 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जो कि पूर्वनियोजित बताई गई है। पुलिस ने अमित बघेल को रायपुर सेंट्रल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर बलौदाबाजार लाकर गिरफ्तार किया है, जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। हालांकि, इस गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है कि घटना के करीब 19 महीने बाद अमित बघेल और उनके साथियों की गिरफ्तारी क्यों की गई है। जबकि कार्यवाही लगातार जारी है।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि बलौदाबाजार में वर्ष 2024 में एक बड़ी हिंसक घटना सामने आई थी, जिसमें सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था। इस दौरान कई स्थानों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनायें हुई थीं, जिससे क्षेत्र में तनाव फैल गया था। घटना के बाद पुलिस ने व्यापक स्तर पर जांच शुरू की थी और कई संगठनों व व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही थी।
वहीँ पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, धीरे – धीरे सभी साजिशकर्ताओं तक पुलिस की जांच की आंच पहुँच रही है, जैसे – जैसे नाम सामने आते जायेंगे , वैसे – वैसे कार्यवाही की जायेगी। 11 जनवरी 2026 को इसी प्रकरण में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी से जुड़े अजय वर्मा और दिनेश कुमार वर्मा उर्फ मंडल को गिरफ्तार किया गया था। इन गिरफ्तारियों के बाद जांच और तेज की गई, जिसमें अब अमित बघेल की भूमिका भी सामने आई है।



