25 सालों से पदस्थ पुलिसकर्मियों को रजत जयंती पदक मिलेगा, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया पदक का विमोचन।

रायपुर : राज्य में पिछले 25 सालों से पदस्थ पुलिसकर्मियों को रजत जयंती पदक मिलेगा। विभिन्न मोर्चे पर तैनात जवानों से लेकर अधिकारियों को इसे दिया जायेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा रजत जयंती पदक का विमोचन किया है। इस अवसर पर उन्होंने कहा है कि यह पदक प्रदेश में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान की अमिट पहचान बनेगा। पुलिस विभाग लगातार सराहनीय कार्य कर रहा है।

इसकी घोषणा गणतंत्र दिवस के अवसर पर की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 25 सालों में छत्तीसगढ़ पुलिस बल ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और नक्सल विरोधी अभियानों में असाधारण साहस का परिचय देते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। यह पदक उनके समर्पण को सदैव स्मरणीय बनाए रखेगा। यह पदक छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और परंपरा की पहचान को आत्मसात करता है।

राज्य की अस्मिता का प्रतीक होगा पदक :

यह पदक गोल आकार का सिल्वर रंग का होगा। इसके आगे के भाग में साल वृक्ष तथा पीछे के भाग में पहाड़ी मैना का उभरा हुआ चित्र अंकित है। इसे रिबन के साथ पुलिसकर्मी धारण कर सकेंगे। वर्दी के बाईं ओर जेब के ऊपर यह पदक अशोक चक्र, कीर्ति चक्र, वीरता पदक, राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक तथा राष्ट्रपति के सराहनीय सेवा पदक के पश्चात वरीयता क्रम में लगाया जायेगा। इससे पुलिसकर्मियों का उत्साह भी बढ़ेगा।

खास होगा पदक :

इस पदक में अंकित पहाड़ी मैना सतर्कता, संवाद, निडरता, स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव और पुलिस बल की टीम भावना का प्रतीक है। वहीं साल वृक्ष मजबूती, दृढ़ता, दीर्घायु, संरक्षण, प्राकृतिक संतुलन तथा मौन रहकर भी प्रभावशाली योगदान का संदेश देता है। छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा अंचल में पूजनीय साल वृक्ष की भांति यह पदक भी पुलिस बल के समर्पण, सेवा और समाज के प्रति प्रतिबद्धता को सम्मानित करेगा। यह पुलिसकर्मियों के लिये एक योग्य सम्मान और अनूठी पहला है।