राज्य को IT और स्टार्ट-अप केंद्र बनाने की दिशा में सरकार ने उठाया बड़ा कदम, मुख्यमंत्री साय की मौजूदगी में STPI के साथ होगा अहम एमओयू।

रायपुर : सूचना आदान-प्रदान करने के ज़माने में तकनीक बहुत महत्वपूर्ण किरदार अदा करती है, ऐसे में तकनिकी जानकारी हर किसी को होना बहुत ही जरुरी है, जिसको लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने विकास की नई दिशा अपनाते हुए आधुनिक अधोसंरचना, पारदर्शी एवं प्रभावी ई-गवर्नेंस प्रणाली तथा निवेश-हितैषी नीतिगत ढांचे के माध्यम से एक अनुकूल औद्योगिक वातावरण का निर्माण किया है। इसको लेकर राज्य शासन का निरंतर प्रयास है कि छत्तीसगढ़ को एक विश्वसनीय एवं आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करते हुए आईटी, आईटीईएस एवं इमर्जिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित किया जाये, जिससे राज्य में उन्नति के अवसर बढ़ें।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में होगा महत्वपूर्ण समझौता :

इसी को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में 10 फरवरी को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुबह 10.30 बजे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू होने की जानकारी सामने आई है। इस समझौते के तहत राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (सीओई) तथा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ईएसडीडी) सेंटर की स्थापना हेतु एसटीपीआई द्वारा तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग प्रदान किये जाने की जानकारी है।

AI से स्मार्ट एग्रीकल्चर तक मिलेगा बढ़ावा, हर साल हार्डवेयर स्टार्ट-अप्स को मिलेगा सपोर्ट :

समझौता ज्ञापन के अनुसार स्थापित किए जाने वाले सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (सीओई) के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि में नवाचार, स्टार्ट-अप एवं उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ईएसडीडी) सेंटर की स्थापना की जाएगी, जो प्रति वर्ष लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप एवं एमएसएमई को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण की समग्र सुविधाएं उपलब्ध करायेगा, यह राज्य के युवाओं के लिये भी प्रोत्साहन का कार्य करेगा और किसानों के लिये भी महत्वपूर्ण होगा।

युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर :

यह पहल छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए उच्च कौशल आधारित रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित करेगी। युवाओं को राज्य के भीतर ही इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग लिंकज, क्लाउड एवं डेटा सेंटर सेवाएं तथा अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधा प्राप्त होगी, जिससे उच्च कौशल वाले स्थानीय युवाओं का महानगरों की ओर पलायन कम होगा। उल्लेखनीय है कि सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) देशभर में 68 केंद्रों तथा 24 सेक्टर-विशेष सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आईटी एवं स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को सशक्त बनाने वाली अग्रणी संस्था है। एसटीपीआई को सॉफ्टवेयर निर्यात, डेटा सेंटर, इनक्यूबेशन एवं उच्च स्तरीय डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। अब इसी को लेकर राज्य में नये रास्ते शुरू होंगे।

डिजिटल नवाचार की नई पहचान की ओर छत्तीसगढ़ :

एसटीपीआई के साथ किया गया यह एमओयू छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय नवाचार प्लेटफॉर्मों एवं सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के सुदृढ़ नेटवर्क से जोड़ेगा। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल राज्य को डिजिटल नवाचार, तकनीकी उद्यमिता एवं औद्योगिक विकास की दिशा में एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जो राज्य सरकार की उपलब्धि में एक नया आयाम जोड़ेगी।