बिलासपुर : सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर ठगी करने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहं जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला क्षेत्र निवासी युवक ने ग्रामीण के बेटे और भतीजे को नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 25 लाख रुपये की ठगी कर लिया। ठगी करने के बाद आरोपी युवक गायब हो गया। फिर वह पीड़ितों पर दबाव बनाने के लिए आरोपी ने उल्टा अपने परिजनों के माध्यम से थाने में अपनी ही गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवा दी। इस मामले में बिलासपुर जिले की हिर्री पुलिस ने अदालत के आदेश पर जुर्म दर्ज कर आरोपी की तलाश की और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
जानकारी के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम उरैहा निवासी एवं पोल्ट्री फार्म संचालक अंबिका प्रसाद भारद्वाज ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि वर्ष 2023 में उसकी पहचान मुलमुला क्षेत्र के ग्राम छेड़ोलिया में रहने वाले राजा भैया लहरे (26) से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मंत्री अमरजीत भगत के करीबी अधिकारियों तक पहुंच का दावा किया था। इसके साथ ही उसने परिवार न्यायालय रायपुर एवं मुंगेली में सरकारी नौकरी लगवा देने की बात भी कही थी।
आरोपी ने विश्वास जीतने के लिए अंबिका प्रसाद की मुलाकात रायपुर स्थित सरगुजा कुटीर में एक व्यक्ति से भी कराई थी। आरोपी की बातों में आकर अंबिका प्रसाद ने अपने बेटे और भतीजे की नौकरी लगवाने के लिए 17 लाख 65 हजार रुपये ऑनलाईन ट्रांसफर किये थे, जबकि 7 लाख 35 हजार रुपये नकद दिये थे। इसके बावजूद उनके बेटे और भतीजे की नौकरी नहीं लगी। जब उन्होंने अन्य लोगों से पूछताछ की तो ठगी का पता चला। फिर जब रुपये वापस मांगे गये तब आरोपी ने अंबिका प्रसाद को धमकियां दीं, जिसके बाद वह गायब हो गया था।
वहीँ इस मामले में पहले पुलिस ने इस पर आपसी लेनदेन का मामला बता एफआईआर दर्ज नहीं किया तो पीड़ित ने परिवाद लगाया गया। परिवाद में न्यायालय ने एफआईआर के आदेश दिये। जनवरी 2026 में पुलिस ने अंबिका प्रसाद की शिकायत पर जुर्म दर्ज कर आरोपी युवक की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया है। जिसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है।
परिजनों ने कराया है गुम इंसान दर्ज :
आरोपी शातिर किस्म का बदमाश है। पहले तो उसने पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के अधिकारियों से पहचान बताकर ठगी की। इसकी जानकारी होने पर पीड़ित ने अपने रुपये वापस मांगे। रुपये वापस पाने के लिए जब पीड़ित ने दबाव बनाया तो वह घर से गायब हो गया। इधर उसके परिवार वालों ने पीड़ित पर ही दबाव बनाने के लिए उसके गायब होने की शिकायत मुलमुला थाने में करवा दी थो। इसके साथ ही पीड़ित पर ही आरोप लगाया गया। परिजनों की शिकायत पर इस मामले में मुलमुला थाने में आरोपी का गुम इंसान दर्ज है। कुछ दिनों बाद जब मामला शांत हो गया तब आरोपी गांव में वापस आकर रहने लगा।
पुलिस ने की टालमटोल, तब मामला पहुंचा कोर्ट :
जब ठगी के मामले की शिकायत लेकर पीड़ित अंबिका प्रसाद पहले मुलमुला थाने पहुंचे। वहां पर उसे घटना हिर्री क्षेत्र का होने की बात कहते हुए भेज दिया गया। जब पीड़ित ने हिर्री थाने में पूरे मामले की शिकायत की तब उन्हें आपसी लेनदेन का मामला कहकर लौटा दिया गया। पुलिस के रवैये से परेशान होकर पीड़ित न्यायालय की शरण में पहुंचे। सुनवाई के बाद कोर्ट ने हिर्री पुलिस को जुर्म दर्ज कर मामले की जांच के आदेश दिये। जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीँ इस मामले से पीड़ित की आजीवन पूंजी का नुकसान हो गया है।



