तेहरान (ईरान) : ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की इजरायल और अमेरिका के हमले में मौत हो गई है, ईरान ने 40 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। खामेनेई की जब मौत हुई, तब वह अपने घर में बने ऑफिस में बैठे हुए थे। इस पर अब ईरान भड़क गया है। ईरानी कैबिनेट ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी-इजरायली हमले में खामेनेई की मौत हो गई है। ये एक बड़ा जुर्म है। इसे कभी भी बिना जवाब दिए नहीं छोड़ा जायेगा। ईरान के लोगों में खामेनेई की मौत को लेकर गुस्सा है। ईरान में 7 दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
वहीं, यूरोपीय एयरोस्पेस कंपनी ‘एयरबस’ द्वारा ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में वह स्थान भारी बमबारी से क्षतिग्रस्त दिखाई दिया, जहां खामेनेई की मौत हुई है। सरकारी टीवी ने बताया कि खोमेनेई के कार्यालय में हुई उनकी मौत यह दिखाती है कि ‘वे लगातार जनता के बीच खड़े रहे और अपनी जिम्मेदारियां निभाने में आगे रहे।’ खामेनेई की मौत के बाद ईरान के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है। क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा बढ़ा दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खोमेनेई की मौत की घोषणा करते हुए कहा कि इससे ईरानियों को अपने देश की बागडोर अपने हाथों में ‘वापस लेने का सबसे बड़ा मौका’ मिला है।
खामेनेई की मौत पर ईरानी सेना इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का बयान भी सामने आ गया है। उन्होंने कहा, ‘हमने एक महान नेता खो दिया है और हम उनके शोक में बैठे हैं, जो अपनी रूह की पवित्रता, ईमान की ताकत, मामलों में दूरदर्शिता, अत्याचारियों के सामने साहस और अल्लाह की राह में जिहाद के मामले में अपने युग में अद्वितीय थे, हालांकि, उनकी शहादत हमें और ताकतवर बनायेगी। हम खामेनेई की मौत का बदला जरुर लेंगे।
अली खामेनेई की मौत पर विरोधियों का जश्न :
विदेशों में रह रहे ईरानियों ने भी अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया दी। लॉस एंजिल्स में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे सड़कों पर उतरे और ईरान तथा अमेरिका के झंडे लहराए। कुछ लोगों ने नए ईरान की उम्मीद जताई. वहीं लंदन, बर्लिन और मेडरिड जैसे शहरों में भी लोगों ने खुशी जताई।



