राजा बजाज और प्रदीप खत्री गिरफ्तार, रायपुर के होटल से ऑपरेट चल रहा था ऑनलाईन-सट्‌टा, नगद सहित लाखों का सामान जब्त।

रायपुर/बिलासपुर : राज्य में लगातार सट्टेबाज सक्रिय है, लगातार कार्यवाहियों के बाद भी इस पर लगाम नहीं कस पा रही है। वहीँ अब बिलासपुर पुलिस ने ऑनलाईन गेमिंग ऐप का भंडाफोड़ कर फरार खाईवाल राजेश उर्फ राजा बजाज और उसके साथी प्रदीप खत्री को रायपुर के एक होटल से गिरफ्तार किया है। ये आरोपी होटल से रिक्की पैनल के जरिये ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों से 6.90 लाख रुपए कैश, तीन लग्जरी कार, महंगे मोबाइल, लैपटॉप और बैंक दस्तावेज समेत करीब 45 लाख रुपए का सामान जब्त किया है। इसके साथ ही 10 से ज्यादा बैंक खातों में करोड़ों रुपए के लेनदेन के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

जानिए क्या है पूरा मामला :

पुलिस की एंटी साईबर एंड क्राइम यूनिट (ACCU) और सिविल लाइन पुलिस की टीम लंबे समय से रिक्की पैनल के मास्टरमाइंड और 5 हजार रुपए के इनामी खाईवाल राजा बजाज की तलाश कर रही थी। इस दौरान पुलिस को जानकारी मिली थी कि राजा बजाज फरारी में अपना ठिकाना बदल-बदल कर ऑनलाईन सट्‌टा ऑपरेट कर रहा है। जिसको लेकर पुख्ता जानकारी जुटाने के बाद पुलिस की टीम रायपुर पहुंची। जहां राजा बजाज होटल के कमरे में ठहरा हुआ था। पुलिस ने होटल के रजिस्टर की जांच की, तब पता चला कि रूम महिला के नाम पर बुक है। जहां दबिश देने पर राजा बजाज और प्रदीप खत्री मिले। होटल के कमरे की तलाशी लेने पर नगद रकम, लैपटॉप, मोबाइल और सट्टे का हिसाब-किताब और रजिस्टर बरामद मिला।

देशभर में फैलाया नेटवर्क :

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी रिक्की पैनल के जरिए से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। इस पैनल के जरिए कस्टमर को एविएटर, विन्गो, कैसिनो, हॉर्स राइडिंग सहित अन्य ऑनलाइन गेम्स उपलब्ध कराए जाते थे, जिन पर हार-जीत का दांव लगाया जाता था। यह पूरा नेटवर्क पैन इंडिया स्तर पर फैला हुआ था। आरोपी टेलीग्राम के जरिए कस्टमर जोड़ते थे, जबकि व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क कर उन्हें लिंक उपलब्ध कराया जाता था, जिसके माध्यम से ऑनलाईन सट्टा खेला जाता था, इस तरह ये लोग अपना कार्य करते थे।

65% हेड ऑफिस और ब्रांच को 35% का हिस्सा :

मामले की पूछताछ में पता चला है कि, गिरोह के एजेंट ग्राहकों को जोड़ने के बाद हार-जीत का दांव लगाते थे। सट्टे के इस कारोबार में मुनाफे का बंटवारा भी तय था, जिसमें 65 प्रतिशत हिस्सा हेड ऑफिस और 35 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय ऑपरेटरों को मिलता था। पुलिस ने सरकंडा के मोपका स्थित गार्डन सिटी निवासी खाईवाल राजेश उर्फ राजा बजाज (34) पिता किशन चंद्र बजाज पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पुलिस की टीम भी लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इसके साथ ही टीम मंगला के आदित्यनाथ परिसर निवासी प्रदीप खत्री पिता रामचंद खत्री की भी तलाश में भी थी। दोनों लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे। इस दौरान दोनों घूम-घूमकर ऑनलाइन सट्‌टा ऑपरेट कर रहे थे।

दिसंबर से दोनों सटोरियों की तलाश में थी पुलिस :

पुलिस ने 21 दिसंबर 2025 को तोरवा के हेमूनगर निवासी सटोरिया मनोज पोपटानी पिता नंदलाल पोपटानी को पकड़ा था। उससे पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था। उसने पुलिस को बताया था कि वह राजेश बजाज और प्रदीप खत्री के साथ मिलकर सट्टा संचालित करता है। इसी आधार पर पुलिस उनकी तलाश में जुट गई थी। वहीँ मामले में गिरफ्तारी के दौरान मुख्य आरोपी राजेश उर्फ राजा बजाज के कब्जे से 6 लाख 90 हजार रुपए बरामद की गई है। इसके अलावा जांच में ऑनलाईन सट्टा के जरिए लाखों रुपए के लेन-देन की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार आरोपी बिलासपुर और रायपुर में रहकर लगातार ठिकाना बदलते थे और ऑनलाईन प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टा संचालित करते थे। पूरे नेटवर्क को संचालित करने के लिए आरोपी फर्जी सिम कार्ड और फर्जी बैंक खातों का उपयोग करते थे।

सटोरियों से कैश और तीन लग्जरी कारें भी जब्त :

आरोपियों से पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल, कार और रजिस्टर समेत 45 लाख की जब्ती की। जिनमें लैपटॉप, मंहगे मोबाइल, 5 बैंक पासबुक और 5 चेकबुक, होंडा सिटी कार (सीजी 10 एएल 6300), मारुति ब्रेजा कार (सीजी 10 बीएस 2111), मारुति स्विफ्ट डिजायर कार (सीजी 10 ए क्यू 3352), होंडा एक्टिवा, 6 लाख 90 हजार कैश, 2 रजिस्टर (जिनमें ऑनलाइन सट्टा के लाखों रुपए का विस्तृत हिसाब-किताब दर्ज है) शामिल हैं। इस मामले को लेकर एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा है कि, पहली बार किसी सटोरिए के खिलाफ फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन शुरू किया गया है। फिलहाल, आरोपी के नाम पर करीब 50 लाख रुपए कीमत का एक मकान मिलने की जानकारी मिली है। अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा रही है, जिन्हें जल्द कुर्क करने की कार्यवाही की जायेगी।

एसएसपी बोले – मेहनत की कमाई लूटने वालों पर सख्ती जरूरी :

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि, इस तरह से सट्‌टे का अवैध कारोबार से लोगों के मेहनत की गाढ़ी कमाई लूटने वालों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी रहेगा। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस अब आर्थिक प्रहार करने की तैयारी में है। इनकी संपत्ति की जांच के बाद आय-व्यय की जानकारी जुटाकर एंड टू एंड कार्यवाही की जाएगी। ताकि, अवैध कारोबारियों को समूल नष्ट किया जा सके। वहीँ अब इस कार्यवाही का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।