कार में आग लगने से पिता के सामने जला मासूम, आग और लॉक हो गये गाड़ी के दरवाजे, सामने आया बेबस पिता के लिये दर्दनाक मामला।

इंदौर (म.प्र.) : कारों के नये फीचर लोगों की जान ले रहे है, कई बार वाहन बंद होकर ढलान से ढूलकने पर स्टेयरिंग लॉक हो जाता है, वहीँ सेन्ट्रल लॉक दुगुनी मुसीबत बढ़ा देता है। मामले के अनुसार डेढ़ माह पहले दिल्ली से खरीदी गई स्विफ्ट वीडीआइ कार (डीएल-8 सीएडी 3786) मासूम का काल बन गई है। यहाँ साढ़े तीन साल का मासूम चिराग जिद करके पापा के साथ कार में निकला था। पिता ने कार खड़ी कर दोस्त के खराब वाहन को ठीक करने में मदद की। इस दौरान धूप तेज होने से मासूम को कार में बैठा दिया। खिड़की जरूर खोल दी थी, लेकिन गेट बंद था। इसी दौरान कार में अचानक आग लग गई। महज 15 मीटर की दूरी पर खड़े बेबस पिता के सामने ही मासूम की जिंदा जलकर मौत हो गई, पिता कुछ ना कर सका।

दोस्त की मदद करने गए थे पिता :

पुलिस के अनुसार रालामंडल निवासी संजय बहेडिया (29 वर्ष) को शनिवार सुबह उनके मित्र मनीष का फोन आया कि उनका साउंड सिस्टम (डीजे) वाहन सिमरोल क्षेत्र में खराब हो गया है। संजय मदद के लिए अपनी कार से निकल रहे थे, तो इकलौता बेटा चिराग जिद करने लगा। पिता ने उसे अपने साथ ले लिया, जिसके बाद उन्होंने गाड़ी में डीजल डलवाया और मौके पर पहुंचे। वहां संजय ने अपनी कार डीजे वाहन के आगे लगाई। बाहर कड़ी धूप थी, इसलिए उन्होंने चिराग को गाड़ी में ही बैठे रहने दिया, उन्हें अंदाजा नहीं था की कोई खौफनाक घटना भी हो सकती है।

बेबस पिता के सामने धधक उठी कार :

उन्होंने बच्चे को बैठाकर आगे के दोनों कांच खोले, गाड़ी बंद की और डीजे का वाहन सुधारने में जुट गये। करीब 30 मिनट बीते होंगे। राहगीरों ने गाड़ी से आग की लपटें उठते देखीं तो शोर मचाया। जिसके बाद बदहवास संजय और मनीष, दोनों दौड़े। दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी पूरी तरह लॉक हो चुकी थी। कांच फोड़ा तो आग की लपटें बाहर आ गईं। पानी और फायर एक्सटिंग्यूशर से आग बुझाई गई, तब तक चिराग पूरी तरह झुलस चुका था। पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. अमित सोनी ने बताया कि बच्चा सौ प्रतिशत जल गया था, जिसके कारण उसकी जान बचाई नहीं जा सकी।

आगे बैठाया था, शव पिछली सीट पर मिला :

इस हादसे का सबसे दिल दहलाने वाला पहलू है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चिराग आगे ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठा हुआ था। लेकिन उसका शव पिछली सीट पर मिला। पुलिस का अनुमान है कि आग डैशबोर्ड से शुरू हुई। आग से बचने के लिए नन्हा चिराग पिछली सीट पर भागा, लेकिन दरवाजे नहीं खुले, जिसके बाद वो पीछे भागा होगा। थाना प्रभारी कुलदीप खत्री ने बताया कि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। एफएसएल टीम को बुलाकर जांच की गई और साक्ष्य एकत्रित किए गये हैं। वर्तमान में कारों में आग लगने की घटनायें लगातार सामने आ रही है।