महिला चैन स्नैचर गैंग पुलिस की गिरफ्त में, 7 महिलायें और 1 युवक भी गिरफ्तार।

रायपुर : पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का खुलासा किया है, जो सुनियोजित तरीके से भीड़भाड़ वाले बाजारों में महिलाओं को निशाना बनाकर उनके गले से सोने की चैन पार कर रहा था, इन्होंने कई लोगों के सोने जेवर पार किये है। इस गिरोह की खास बात यह रही कि इसमें अधिकांश सदस्य महिलायें थीं, जो शक से बचने के लिए खुद ही वारदात को अंजाम देती थीं। पुलिस ने इस मामले में 7 महिलाओं और एक युवक को गिरफ्तार किया है, साथ ही उनके इस्तेमाल में लाई जा रही इनोवा कार भी जब्त कर ली गई है। इनके कारनामे काफी चौंकाने वाले सामने आये है।

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब डीडी नगर क्षेत्र में एक महिला के साथ चेन स्नैचिंग की घटना सामने आई। जानकारी सामने आई है कि पीड़िता अपने घर के पास सब्जी लेने गई थी, तभी भीड़ का फायदा उठाकर बदमाशों ने उनके गले से सोने की चेन उड़ा ली थी। इसी तरह की घटनायें शहर के सरस्वती नगर और गोलबाजार क्षेत्र में भी सामने आईं, जिससे पुलिस को शक हुआ कि इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है, जिसको लेकर पुलिस ने अपनी तहकीकात शुरू की।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसमें कुछ महिलायें संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त नजर आईं, जिससे पुलिस को उनके ऊपर संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश तेज की और मुखबिर की सूचना पर भाठागांव बस स्टैंड के पास एक संदिग्ध इनोवा वाहन को रोका गया। जहाँ उक्त वाहन की तलाशी लेने पर उसमें सवार सभी आरोपियों को हिरासत में लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संध्या सकटे, सोनिया हातागले, उज्वाला हातागले, साखराबाई, ज्योति सकटे, सरिता ज्वरे, सपना हातागले और अभय हातागले के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी मध्यप्रदेश के इंदौर के निवासी हैं और आपस में रिश्तेदार बताये जा रहे हैं। घटनाओं को लेकर पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे अलग-अलग शहरों में घूमकर इसी तरह चेन स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पूर्व में की गई चेन स्नेचिंग की रकम से ही इनोवा कार खरीदी थी ताकि वे पुलिस की नजरों से बच सकें और वारदात के बाद तेजी से फरार हो सकें। गिरोह की महिलाएं भीड़ का हिस्सा बनकर टारगेट को चारों तरफ से घेर लेती थीं और फिर धक्का-मुक्की के बीच कटर की मदद से पलक झपकते ही चेन काट लेती थीं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह केवल रायपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी इसी तरीके से कई वारदात कर चुका है। ये लोग पहले शहर के भीड़भाड़ वाले बाजारों और धार्मिक स्थलों की रेकी करते थे, फिर दो-दो के समूह में बंटकर बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाते थे। मौका मिलते ही वे तेजी से चेन काटकर फरार हो जाते थे, जिससे पीड़ित को पाता भी नहीं चल पता था और ये लोग इधर गायब हो जाते थे।

इसके साथ ही आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 10,500 रुपये नकद, एक सोने की चेन, चेन काटने वाला कटर, चार मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई इनोवा कार भी बरामद की है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित साथियों और अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों से इनके संबंधों की जांच कर रही है। इस कार्यवाही को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। पुलिस ने आम नागरिकों से सजग रहने की अपील की है।