भारत ने की ईरान की मदद, भेजी 8 ट्रक दवाइयां, युद्ध में भारत ने नहीं लिया किसी का पक्ष।

नई दिल्ली : सोशल मीडिया में अफवाहें उड़ाई गई कि भारत ने अमेरिका/इजराइल के ईरान के खिलाफ युद्ध में इजराइल का पक्ष लिया है, जबकि यह बात पूर्ण रूप से गलत है, भारत ने हमेशा वैश्विक मंचोंब पर कहा है कि हम किसी युद्ध का समर्थन नहीं करते। वहीँ मिडिल ईस्ट में 40 दिनों तक चली भीषण जंग के बाद भले ही सीजफायर हो गया हो, लेकिन तबाही के निशान अब भी हर तरफ साफ दिखाई दे रहे हैं। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच इस लंबे संघर्ष ने जान-माल का भारी नुकसान पहुंचाया है। वहीँ इजरायल के हाईफा और तेल अवीव जैसे बड़े शहरों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, तो वहीं ईरान के तेहरान समेत कई क्षेत्रों में जंग का असर व्यापक रूप से साफ देखा जा सकता है।

यह जंग अब भले ही थम गई हो, लेकिन इजरायल के मुकाबले ईरान में हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं। इसकी वजह है कि दुनिया के दो ऐसे देश, जिनकी सैन्य क्षमता सबसे बेहतर मानी जाती है। इस मोर्चे पर ईरान ने भले ही अमेरिका और इजरायल का कड़ा मुकाबला किया हो, लेकिन इन दोनों देशों के हमले में ईरान में बड़े पैमाने पर जानीमाली नुकसान हुआ है। कई अस्पतालों में अभी घायलों का इलाज चल रहा है, और कई हालत नाजुक बनी हुई है। वहीँ सीजफायर के बाद फिर युद्ध शुरु होने की सम्भावना भी जताई गई है।

ईरान को भेजी गई 8 ट्रक दवाईंयां :

भारत ने हमेशा मानवता दिखाई है, इस मुश्किल घड़ी में कई देशों ने ईरान की तरफ मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। इसके लिए बड़े पैमाने पर राहत सामग्री भेजी गई है। इसी कड़ी में भारत की अवाम ने भी आगे बढ़कर ईरान की मदद करने का फैसला किया है। इसी कड़ी में भारत से ईरान के लिए बड़ी राहत भेजी जा रही है। जानकारी के मुताबिक, आठ ट्रकों में भरकर दवाइयां और सर्जिकल सामान ईरान भेजा जायेगा। यह मदद ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी को सौंपी जाएगी, जो जरूरतमंद लोगों तक इसे पहुंचाएगी। इससे पहले ईरान ने लोगों से मदद की अपील की थी, जिसके लिये ईरान के भारतीय दूतावास ने पेमेंट क्यू आर कोड भी जारी किया था, जिस पर भारत के लोगों ने बेहिसाब मदद भी भेजी, जिसको लेकर भारतीय जनता को ईरान की तरफ से धन्यवाद दिया गया है।

गुरुवार (10 अप्रैल) को ट्रकों में लोड कर एयरपोर्ट कार्गो तक पहुंचाया गया है. इसके बाद एक विशेष फ्लाइट के जरिए यह पूरी खेप तेहरान भेजी जायेगी। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी मात्रा में पैसा और राहत सामग्री इकट्ठा की गई थी। अब यह सारा सामान दिल्ली स्थित ईरान दूतावास को सौंप दिया गया है, जहां से इसे कार्गो के जरिए ईरान रवाना किया जायेगा। इससे पहले बीते माह भी भारत ने 18 मार्च को ईरान को चिकित्सा सहायता की पहली खेप भी भेजी गई थी, जिसे ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी को सौंपा गया था, इस पर ईरान ने भारतीय जनता का दिल से आभार जताया था। इतना ही नहीं, कश्मीर के लोगों ने जिस तरह दिल खोलकर मदद की है, वह इंसानियत की मिसाल बन गया है, जिससे ईरान भारत के की मदद के लिये बहुत खुश हुआ है।

बीते दिनों बडगाम और बारामुला जिलों में लोगों ने ईद-उल-फितर के बाद घर-घर जाकर राहत सामग्री इकट्ठा करने का अभियान चलाया था, शिया बहुल क्षेत्रों में चलाए गए इस अभियान में लोगों ने सिर्फ पैसे ही नहीं, बल्कि सोना-चांदी के गहने, पशुधन और पारंपरिक तांबे के बर्तन तक दान कर दिए, जिसको लेकर ईरान के दूतावास ने आभार भी जताया और इसे भावनात्मक सहयोग भी बताया है। भारत में मौजूद ईरान दूतावास ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो शेयर कर भारतीयों की “दरियादिली, इंसानियत” के लिए शुक्रिया अदा किया, इसके साथ ही दूतावास ने लिखा कि कश्मीर के लोगों का यह समर्थन और भावनात्मक जुड़ाव कभी भुलाया नहीं जायेगा। भारत सरकार लगातार ईरान की मदद कर रही है।