इन्फ्लुएंसर और सट्टेबाज गुलशन पुलिस की गिरफ्त में, राज्य का सबसे बड़ा सटोरिया सौरभ चंद्राकर कब आयेगा गिरफ्त में।

रायपुर : राजधानी में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करते हुए क्राईम ब्रांच ने अंतर्राज्यीय नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है। मुंबई और ओड़िशा से सट्टा गिरोह का खुलासा होने के बाद पुलिस के हाथ अब मास्टरमाइंड तक भी पहुंचे गए हैं। मामले में पुलिस की स्पेशल टीम ने गुरवार को मुंबई के होटल में छापेमारी कर ऑनलाइन सट्टा गिरोह के मुख्य सरगना बाबू और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन्फ्लुएंसर और सट्टा सिंडिकेट के मास्टरमाइंड गुलशन को रायपुर पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया है। 17 अप्रैल को गुलशन को फ्लाइट से रायपुर लाया गया है। इसके साथ ही 6 और आरोपी भी पकड़े गए हैं। उनके कब्जे से BMW समेत 60 लाख का सामान जब्त हुआ है।

जांच में खुलासा हुआ है कि, गुलशन के सोशल मीडिया में बहुत फॉलोअर थे, जिसका फायदा उठाकर हाई प्रोफाइल सट्टा खेलने वालों लोगों से संपर्क किया। उसने महादेव ऐप की तर्ज पर ‘3 STUMPS’ ऑनलाइन वेबसाईट शुरू किया था। जानकारी के मुताबिक, उसके रिश्तेदार इसे संचालित कर रहे थे। वहीँ गुलशन दबाव बनाकर सट्टे का पैसा वसूलता था। रायपुर पुलिस के दबाव के कारण उसने दूसरे राज्यों में ऑनलाईन सट्टा खिलाना शुरू कर दिया था। पुलिस इसके विदेशी कनेक्शन की भी जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, गुलशन साल 2011 में दुबई, साल 2023 में थाईलैंड, 2025 में 3 बार दुबई गया है। इसके विदेशों के कनेक्शन की भी जांच की जा रहीं है। बताया जा रहा है कि, इस पूरे नेटवर्क का संचालन देश के अलग-अलग शहरों से किया जा रहा था, जबकि गुलशन खुद रायपुर से कहीं बाहर बैठकर पूरे सिंडिकेट को कंट्रोल कर रहा था, रवि भवन में उसकी मोबाईल की दुकान भी बताई गई है।

हाइप्रोफाइल सटोरियों के पकड़े जाने के बाद से ही पुलिस ने जांच तेज कर दी है। दरअसल, जिन ऑनलाईन पैनल से जुड़े नाम सामने आये हैं। इनमें से एक रेड्डी अन्ना बुक का पैनल भी है। इस बुक के तार पिछले कई सालों से महादेव ऑनलाइन बैटिंग एप के साथ जुड़े हुए हैं, जिसकी तलाश केंद्रीय जांच एजेंसिया भी कर रही है। जितने भी सट्टेबाजी के एप संचालित हो रहे है, उनका दुबई कनेक्शन ही सामने आ रहा है, जिसमें अधिकांश सटोरिये भगौड़े सौरभ चंद्राकर के अंतर्गत संचालित महादेव एप से जुड़े हुये बताये जा रहे है।

यहाँ गुलशन भी महादेव ऐप की तर्ज पर ‘3 STUMPS’ ऑनलाइन वेबसाईट बनाकर आईपीएल मैच में सट्‌टा खिलवा रहा था। इसके साथ ही वह पिछले ढाई साल से रेड्डी ग्रुप, बजरंग ग्रुप, मेट्रो 65 व डायमंड मास्टर ऑनलाइन पैनल का संचालन कर रहा था। 13 अप्रैल को उसके खिलाफ गंज थाने में FIR दर्ज की गई थी, जिसके बाद से फरार था। अब तक इस मामले में 27 आरोपियों को पकड़ा गया है।

जिनमें :

  • गुलशन उर्फ बाबू खेमानी (32) रायपुर
  • रोहित सिंह (26) रायपुर
  • विशाल कश्यप (27) रायपुर

गिरफ्तार आरोपी (गोवा से) :

  • लक्ष्मण ढ़ोबर (45) नागपुर (महाराष्ट्र)
  • आशीष जाधव (29) अकोला (महाराष्ट्र)
  • रंजीत कुमार (28) परशुरामपुर जिला बस्ती (उ.प्र.)
  • वैभव खंडेलवाल (37) नागपुर (महाराष्ट्र)

जानकारी के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। अलग-अलग शहरों में बैठे ऑपरेटर प्रयोगकर्ताओं को जोड़ने, दांव लगवाने और लेन-देन संभालने का काम करते थे। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टा खिलाया जाता था। जिससे ट्रांजैक्शन को ट्रैक करना भी मुश्किल हो जाता था। पैसों का ट्रांजैक्शन करने के लिए म्यूल खातों का इस्तेमाल गुलशन के समूह के लोगों की तरफ से किया जाता था। रायपुर पुलिस द्वारा इन्फ्लुएंसर गुलशन पर पहले भी कार्यवाही कर चुकी है। 3 साल पहले पुलिस ने प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्यवाही की गई थी और फाइन भी लगाया था, वह सोशल मीडिया पर गाली-गलौज वाले विडियो बनाता रहा है, इसके साथ ही उसने प्रसिद्द कथावाचक के साथ मजाकबाजी करने का विडियो भी बनाया था।

सौरभ चंद्राकर को गिरफ्त में लेने की उठ रही मांग :

राज्य का सबसे बड़ा सटोरिया सौरभ चंद्राकर को माना जा रहा है, उसने ही महादेव एप ने नाम पर बड़े स्तर का सट्टा कारोबार शुरू किया था, जिसमें भाजपा, कांग्रेस से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आये थे, कई पुलिस अधिकारियों के जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई थी और शुभम सोनी नाम के व्यक्ति ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी गंभीर आरोप लगाये थे, अब भी सटोरिया सौरभ पकड़ से बाहर है, जबकि उसे भारत लाने के प्रयास लगातार किये जा रहे है, उसके देशविरोधी तत्वों से भी कनेक्शन सामने आ चुके है, राज्य में सट्टे का कारोबार बड़े स्तर पर फ़ैलाने के आरोप सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल पर लगे है, कई बार इन्होने लिंक बदलकर अलग – अलग नामों से सट्टेबाजी का काम जारी रखा हुआ है। गुलशन की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया में अब सौरभ चंद्राकर को लेकर सवाल खड़े हो रहे है।