रायपुर : अक्टूबर 2023 में कांग्रेस से बागी होकर अजीत कुकरेजा निर्दलीय चुनाव लड़ चुके है और उनके चुनाव लड़ने के कारण कुलदीप जुनेजा को कड़ी हार सामना करना पड़ा था, जबकि अजीत कुकरेजा मैदान में नहीं होते तो भाजपा की हार उत्तर विधानसभा से निश्चित थी, कभी बेदाग छवि वाले अजीत कुकरेजा के छवि पर अब दाग लगने लगे है। मामला है निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ चुके अजीत कुकरेजा पर कांग्रेस के नव नियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष कमल घृतलहरे को धमकी देने और अपशब्द कहने का आरोप लगा है। इस मामले ने अब राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। सतनामी समाज ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज से शिकायत कर सख्त कार्यवाही की मांग की है और इसे सतनामी समाज का अपमान बताया है।
गत दिनों राजीव भवन में कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में रौब दिखाते हुए अजीत कुकरेजा ने नव नियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष सतनामी समाज के युवा नेता कमल घृतलहरे को अपशब्द कहते हुये ब्लॉक अध्यक्ष पद से हटाने और देख लेने की धमकी दी थी, इस समय वहां पर कई अन्य प्रतिनिधि भी बैठे हुये थे, जिससे ब्लॉक अध्यक्ष कमल घृतलहरे को अपमान का कड़वा घूंट पीना पड़ा था, वहीँ सतनामी समाज को इस घटना की जानकारी मिलने पर प्रतिनिधि के रूप में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष को लेकर छग कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज से इस घटना के बारे में अवगत कराया।
जानकारी के अनुसार, राजीव भवन में कांग्रेस की बैठक चल रही थी, जहां कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। इसी दौरान अजीत कुकरेजा और ब्लॉक अध्यक्ष कमल घृतलहरे के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि अजीत कुकरेजा ने कमल घृतलहरे को अपशब्द कहे, पद से हटाने की बात कही और देख लेने की धमकी दी, जिसके बाद काफी बवाल मचा था।
इस घटना की जानकारी मिलते ही सतनामी समाज में नाराजगी फैल गई। समाज के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और कहा कि इस तरह का व्यवहार संगठन और समाज दोनों की गरिमा के खिलाफ है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्यवाही नहीं की गई तो विरोध प्रदर्शन तेज किया जायेगा, अजीत कुकरेजा के खिलाफ पार्टी स्तर की जल्द कार्यवाही की जाये।
कुलदीप जुनेजा ने कहा :
इस मामले में पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा ने कहा कि वे दस दिन से बाहर है, उन्होंने पुष्टि की है कि अजीत कुकरेजा ने कांग्रेस के नव नियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष कमल घृतलहरे के दुर्व्यवहार किया है और धमकी भी दी है कि दिल्ली जाकर पद से भी हटवा दूंगा, बैठक के समय कई अन्य लोग भी मौजूद थे, झूठा आरोप नहीं है, अजित कुकरेजा खुद किसी पद पर नहीं है, उन्होंने पार्टी के खिलाफ जाकर चुनाव लड़ा है, जबकि उन्होंने ब्लॉक अध्यक्ष को धमकी दी है, पदासीन व्यक्ति से ऐसा व्यवहार करेंगे तो यह गलत है, उन्होंने ब्लॉक अध्यक्ष को अनुचित शब्द कहे है, संगठन को इस मामले में सोचना चाहिये, जबकि अजित कुकरेजा खुद पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ चुका है, उसका यह व्यवहार सभ्य समाज को स्वीकार नहीं है। यह सब जानकारी कुलदीप जुनेजा ने माचिस मीडिया को दी, वहीँ अजीत कुकरेजा ने इन आरोपों को झूठा बताया है।



