रायपुर : मीनल चौबे को महापौर बने सिर्फ एक वर्ष ही हुआ है और व्यवस्था धरी की धरी रह गई है, सालों से राजधानीवासी गर्मी में पानी के लिए त्रस्त रहते है, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। वहीँ मीनल चौबे को लेकर आम जनता अब यह कहने लगी है, कि निगम की सत्ता नहीं संभल रही है तो उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। यूजर चार्ज भाजपा द्वारा शुरू किया गया था, जिसका भरपूर लाभ निगम की सत्ता में कांग्रेस ने उठाया और वाहवाही लूटने के लिये भाजपा ने यूजर चार्ज में छूट की बात कही, जिससे अब भाजपाई मुकर गये है। वहीँ निगम में 100 करोड़ की जमीन का घोटाला भी सुर्खियाँ बटोरे हुये है।
मीनल चौबे के सत्ता में आने के बाद कारोबारी निगम की कार्यवाही से परेशान है तो आम आदमी सडकों में गड्ढों से परेशान है, अब गर्मी में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है, जो हो रही है वो भी गंदे पानी की हो रही है। आम जनता कहने लगी है कि मीनल चौबे को बुलडोजर कार्यवाही से ही फुर्सत नहीं है तो वह आम जनता की समस्याओं को कहाँ से देखेगी? वहीँ आपको बता दें कि शहर में बोर का पानी सूखने लगा है और लाखों लोग टैंकरों के भरोसे बैठे है, पीने तक का स्वच्छ पानी ना मिलना उनके लिये मुसीबत खड़ी करने वाला है, जिससे कई लोगों ने बीमार होने की शिकायत भी की है। चंगोरा भाटा क्षेत्र के लोगों ने बताया है कि टैंकरों से पानी की पर्याप्त सप्लाई नहीं हो रही है। वहीँ जोन 9 के अंदर आम लोगों ने गंदे पानी की शिकायत की है।
वहीँ मामला है शहर के नगर निगम जोन-9 क्षेत्र में टैंकर के जरिए गंदे पानी की सप्लाई का, यह मामला सामने आने के बाद निगम प्रशासन ने एक्शन लिया है। संबंधित ठेकेदार पर जुर्माना लगाया गया है और सभी टैंकर संचालकों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। जानकारी के अनुसार, वार्ड पार्षद द्वारा गंदे पानी की सप्लाई की सूचना दिए जाने के बाद नगर निगम अमले ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्यवाही की। स्थिति को देखते हुए संबंधित टैंकर को तुरंत बदलकर साफ पानी की सप्लाई सुनिश्चित की गई।
इस मामले में सफाई देते हुए रायपुर नगर पालिक निगम जोन-9 के जोन कमिश्नर ने जानकारी दी है कि टैंकर से गंदे पानी की सप्लाई के संबंध में चलाया जा रहा टैंकर निजी ठेकेदार द्वारा सप्लाई कार्य में लगा हुआ था, जिसका अनुबंध दिनांक 17 अप्रैल 2026 को किया गया है। ठेकेदार के अनुसार संबंधित टैंकर नया था तथा टैंकर की सफाई न होने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। वार्ड पार्षद द्वारा सूचना उपरांत टैंकर को तत्काल बदलकर साफ पानी का टैंकर सप्लाई कर दिया गया एवं ठेकेदार पर जुर्माना लगाया गया। जिससे साफ़ है कि बिना आम जनता के स्वास्थ्य को देखे जबरन गंदे टैंकर से पानी की सप्लाई कर दी गई है, जिससे आम आदमी की जान पर भी जोखिम बन सकता है।
वहीँ इस मामले में जोन कमिश्नर ने बताया कि सभी ठेकेदारों की बैठक बुलाकर निर्देश दिए गए हैं कि टैंकर भरने के बाद पानी का परीक्षण कर ही सप्लाई की जाये। अन्यथा की स्थिति में अनुबंध निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।



