updating सहायक राजस्व निरीक्षक पर सब्जी विक्रेता से अवैध वसूली का आरोप, निगम की कार्यवाही पर उठते सवाल।

रायपुर : रायपुर नगर निगम पर लगातार आरोप लग रहे है, जहाँ सड़कों पर कार्यवाही के चलते सामान जब्त किये जाते है, उसे सामान वाली जगह का चौकीदार चंद पैसे लेकर लौटा देता है, जिससे निगम के राजस्व पर बट्टा लगता है, वहीँ कार्यवाही के दौरान निगम का अमला इतना आक्रामक रहता है कि कारोबारियों का नुकसान करने का ही प्रयास करता है। वहीँ नगर निगम की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर विवादों में घिर गई है। सब्जी विक्रेता ने जोन-5 की टीम की कार्रवाई पर पैसे वसूली करने का गंभीर आरोप लगाया है। हाल ही में वामनराव लाखे वार्ड के कुशालपुर इलाके में दंतेश्वरी मंदिर से रिंग रोड नंबर 1 तक अवैध ठेलों पर कार्रवाई की गई। एक सब्जी विक्रेता ने अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए कहा कि इस सड़क पर 20 से 30 अवैध ठेले खुलेआम चल रहे हैं, लेकिन कार्यवाही केवल एक ठेले पर की गई है, जिसको लेकर उक्त विक्रेता ने काफी बवाल किया।

स्थानीय सब्जी विक्रेता बसंत सोना ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि 11 फरवरी को जोन 05 के सहायक राजस्व निरीक्षक महेश बाघ ने उनसे पैसे की मांग की, उन्होंने पूछने पर महेश बाघ ने कहा कि यह राशि जोन कमिश्नर खीरसागर नायक के खर्चा-पानी के लिये है। बसंत सोना ने पैसे देने से इंकार कर दिया, जिसके बाद 18 फरवरी को शाम 6:30 बजे जब कार्यालय का समय 5:30 बजे ही समाप्त हो चुका था, इसके बावजूद महेश बाघ अपने साथी कुलदीप बंसरे, मो. सब्दुल और अन्य कर्मचारियों के साथ पहुंचे और उनका ठेला जबरन जब्त कर लिया गया। वह इस घटना से काफी आहत है।

जोन कमिश्नर ने आरोपी को बताया बेबुनियाद :

जोन कमिश्नर ने आरोपी को बताया बेबुनियाद

जोन कमिश्नर खीरसागर नायक ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. नायक ने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध ठेले और गुमटियां यातायात बाधित करती हैं, इसलिए समय-समय पर नगर निगम अमला कार्रवाई करता है और सभी पर समान रूप से कार्रवाई होती है.  

निगम की छवि पर सवाल

पीड़ित बसंत सोना और स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है. इस घटना ने रायपुर नगर निगम की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां अवैध अतिक्रमण और वसूली के आरोप बार-बार सामने आते रहे हैं. अब देखना होगा कि जांच कमेटी क्या रिपोर्ट पेश करती है और प्रशासन कितनी तेजी से दोषियों पर एक्शन लेता है?