रायपुर : आम आदमी तो आम आदमी लेकिन ठगों से बड़े नेता भी नहीं बच पा रहे है, वाहन रायपुर उत्तर विधानसभा से भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा से ठगी हुई है। ठग ने खुद को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का निजी सहायक (PA) बताया और संबलपुर जंगल के बीच गाड़ी में डीजल खत्म होने का बहाना बनाकर 10 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिये, जिसका अंदाजा विधायक महोदय को नहीं था।
इस मामले में खम्हारडीह थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुरंदर मिश्रा ने बताया कि ठग उड़िया टोन में बात कर रहे थे। बच्चो की आवाज आ रही थी, इसी भरोसे में उसने 4 हजार मांगे, लेकिन मैंने 10 हजार रुपए दे दिए। रायपुर में ही 1 हफ्ते पहले मॉर्निंग वॉक पर निकले BJP के सीनियर नेता धरमलाल कौशिक से लूट हुई थी। बाइक सवार मोबाईल छीनकर भाग निकले थे। लगातार इन घटनाओं पर कांग्रेस ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। इसको लेकर कांग्रेस ने कहा कि अपराधी भाजपा सरकार से भी नहीं डर रहे हैं। इस तरह भाजपा विधायक लगातार चोरों और ठगों के निशाने पर आ रहे है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
विधायक पुरंदर मिश्रा के मुताबिक, 25 मई को आरोपी ने विधायक पुरंदर मिश्रा को कॉल किया। सामने वाले ने खुद को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का पीए बताया। बातचीत के दौरान उसने गाड़ी में फौरन डीजल डलवाने की बात कहते हुए पैसों की मांग की। राजनीतिक पहचान और भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने विधायक को अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी ने दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन में रकम ट्रांसफर करवाई। पहले 4500 रुपए और फिर 5500 रुपए खाते में डलवाए गए। विधायक ने अपने जगन्नाथ मंदिर के सेवक नारायण मिश्रा को पैसे भेजने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद उसने पैसे भेज दिये।
दोबारा पैसों की मांग की :
इसके बाद सेवक ने बताए गए बैंक खाते में कुल 10 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद आरोपी ने दोबारा पैसों की मांग की। लगातार रकम मांगने और बातचीत में शक होने पर मामले की जांच की गई। इसके बाद पता चला कि फोन करने वाला व्यक्ति फ्रॉड है। इस मामले में भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा है कि, मैं पार्टी के प्रशिक्षण शिविर में था, वाट्सऐप पर मिस कॉल था। चेक करने पर नंबर नितिन नबीन के पीए का है पता चला। कॉल बैक करने पर उसने संबलपुर के आगे जंगल में फंसने की बात कही, डीजल खत्म होने का बहाना दिया।
‘ओडिया टोन में बात किए तो भरोसा हुआ’ :
इसके अलावा उसने ड्राइवर के पैसे मांगने की बात ही। ड्राइवर के ओडिया में बात करने पर भरोसा हुआ। उसने डीजल के 4500 रुपए मांगे, लेकिन मैंने इंसानियत के नाते 10 हजार रुपए भेज दिए। ड्राइवर ने खुद को रायपुर के राम मंदिर के पास रहने वाला बताया। ऐसे में मैंने उसे वापस आने पर मिलने के लिए कहा।



