धनबाद (झारखण्ड) : वैसे तो कुछ लोग हर मामले को सांप्रदायिक रंग देने के प्रयास करते है, लेकिन प्रेम-प्रसंग वाले मामलों कई बार कुछ घटनायें चौंकाने वाली सामने आ जाती है, ऐसे ही के मामले ने लोगों को हैरानी में डाल दिया है, दामोदर नदी के किनारे 31 मई को मिले 24 वर्षीय दिलशाद अंसारी के शव से जुड़ी जांच ने एक हैरान करने वाला सच सामने आया है। इस मामले में पुलिस का दावा है कि घटना एक लव ट्रायंगल का नतीजा थी, जिसमें मृतक को उसकी प्रेमिका और उसके होने वाले पति ने साथ मिलकर निशाना बनाया है। आरोप है कि दिलशाद पर हमला पहले हुआ और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। यह मामला स्थानीय समुदाय में भारी घृणा और भय का कारण बना हुआ है।
आरोपी गर्लफ्रेंड ने पुलिस को क्या-क्या बताया?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 24 वर्षीय दिलशाद अंसारी और कोमल वर्णवाल के बीच कुछ समय से संबंध थे, दोनों एक दूसरे के प्यार करते थे। उसी दौरान कोमल की शादी झरिया निवासी रोशन कुमार से तय हो गई थी। शादी तय होने के बाद कोमल दिलशाद से संबंध खत्म करना चाहती थी, लेकिन दिलशाद इसके लिए तैयार नहीं था, वह उसे लगातार परेशान करने लगा, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा और कोमल को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वह दिलशाद से पीछा कैसे छुड़ाये? कोमल ने पुलिस को बताया है कि पहले उसने दिलशाद के ‘दिल’ पर छुरा घोंपा और फिर उसका गला रेत डाला।
श्मशान घाट के पास मिला था शव :
शुरुआती जांच से संकेत मिले कि कोमल और रोशन ने मिलकर घटना की योजना बनाई और दिलशाद को सुनसान जगह बुलाकर मार डाला। शव श्मशान घाट के पास पाया गया था। SIT और तकनीकी टीम ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जांच की परतें खोलीं। वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों ने आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की। पुलिस ने कोमल को मुख्य साजिशकर्ता मानते हुए गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल हुई बाइक, मृतक का मोबाईल और अन्य सामग्री बरामद हुई है।
रोशन की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज :
SDPO सिंदरी प्रकाशचंद्र महतो ने बताया कि फरार रोशन की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है और उसे जल्द पकड़ा जायेगा। मामले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर है। फॉरेंसिक सबूत, कॉल-लॉग और गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही ने आरोपों की रूपरेखा साफ कर दिया है। लेकिन सजा और न्याय की अंतिम तस्वीर अदालत के ठोककर प्रमाणित किये जाने तक अधूरी रहेगी। यह खूनी अध्याय सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं बल्कि यह समाज में रिश्तों, तकरार और कानून के भरोसे पर बड़ा सवाल छोड़ता है। अब इसमें दोनों की कितनी मिलीभगत है, पुलिस उसकी पतासाजी कर रही है।
दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और पीड़ित के परिवार को न्याय देने के लिए प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दे दिया है- कानून आंख बंद कर किसी को बख्शेगा नहीं। वहीँ मुस्लिम समुदाय इस घटना से काफी आक्रोशित बताया गया है।



