सास बनी पत्नी, दामाद के प्यार में पागल हुई सास, दोनों ने कोर्ट रचाई शादी, सामने आया ये मामला….।

कानपुर (उ.प्र.) : अलीगढ़ के सास दामाद का मामला बीते वर्ष देशभर में सबसे ज्यादा सुर्ख़ियों में रहा था, जिसमें महिला ने अपनी बेटी के होने वाले पति के साथ ही प्रेम सम्बन्ध बना लिये थे और उसके साथ नेपाल भाग गई थी। वहीँ अब उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से हाल ही में एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने न सिर्फ सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी है, बल्कि हमारे समाज की नैतिक और पारिवारिक नींव को भी झकझोर कर रख दिया है। हालाँकि एक वर्ग इस कृत्य को सही ठहरा रहा है तो दूसरा गलत, वहीँ मामले के अनुसार कानपुर के अकबरपुर थाना क्षेत्र में एक दामाद अपनी ही सास को लेकर घर से फरार हो गया और दोनों ने कोर्ट में जाकर शादी कर ली। बात सिर्फ इतनी ही नहीं रुकी, शादी के बाद दोनों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे दुनिया के सामने अपने इस नए रिश्ते को स्वीकार करने और समाज से आशीर्वाद देने की अपील करते हुये नजर आ रहे हैं।

कोर्ट मैरिज का दावा और वायरल वीडियो :

जानकारी के अनुसार, महिला और उसके दामाद ने आपसी सहमति से विवाह किया है। बताया जा रहा है कि शादी कोर्ट मैरिज के माध्यम से हुई है। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दोनों कैमरे के सामने अपने फैसले को सही बताते हुए लोगों से अपने नए रिश्ते को स्वीकार करने की बात कह रहे हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया है। आखिर अब रिश्तों को शर्मसार करने वाले मामले सामने क्यूँ आ रहे है? समाज के बीच ये बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया है।

स्थानीय लोगों में खूब हो रही चर्चा :

इस घटना के बाद क्षेत्र और आसपास के इलाकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह मामला हैरानी का विषय बना हुआ है। चर्चा है कि दोनों के बीच लंबे समय से करीबी संबंध थे, हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस रिश्ते को लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं कुछ इसे निजी निर्णय बता रहे हैं तो कुछ लोग इसे परंपराओं के खिलाफ मान रहे हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में किसी प्रकार की पुलिस शिकायत या आधिकारिक जांच की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन की ओर से भी अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और चर्चाओं तक ही सीमित है, जबकि कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।