राजधानी की कुख्यात अपराधी “मुस्कान रात्रे” को किया गया तड़ीपार, अवैध शराब, मारपीट, धमकी, हत्या के प्रयास और गांजा तस्करी जैसे दर्ज है 20 से ज्यादा मामले।

रायपुर : आज महिलायें किस क्षेत्र में परचम नहीं लहरा रही है, लेकिन क्या सोचा जा सकता है कि अपराध की दुनियां में भी युवतियां अब पीछे नहीं रही है, ऐसे ही रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने संगठित अपराध और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करते हुए कुख्यात महिला अपराधी मुस्कान रात्रे को जिला बदर कर दिया है। बताया गया है कि वह लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब कारोबार और अन्य गंभीर अपराधों में कथित रूप से संलिप्त रही है। मुस्कान रात्रे के खिलाफ यह कार्यवाही मध्य जिला पुलिस की रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है। पुलिस का दावा है कि आरोपी के खिलाफ लगातार शिकायतें और आपराधिक गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। कई बार चेतावनी और पूर्व में की गई कार्रवाई के बावजूद उसके व्यवहार में सुधार नहीं आया, जिसके बाद जिला बदरी का कदम उठाया गया है। राजधानी में नशे के सामानों की तस्करी और अपराधों में सिर्फ मुस्कान ही एकमात्र नहीं है, बल्कि कई युवतियां भी इन कृत्यों में शामिल है, लेकिन मुस्कान अब एक बड़ा नाम बन चुकी है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुस्कान रात्रे के खिलाफ विभिन्न थानों में 20 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री, अवैध शराब का कारोबार, मारपीट, धमकी, हत्या के प्रयास और गांजा तस्करी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गतिविधियां केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं थीं, बल्कि उसका प्रभाव कई क्षेत्रों तक फैला हुआ था। यही वजह है कि उसके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्यवाही की आवश्यकता महसूस की गई है, पुलिस ने इसके कृत्यों के कारण यह कदम उठाया है, जिससे पुलिस को अपराध नियन्त्रण करने में आसानी होगी, यह अपराधियों के लिये कड़ी चेतावनी मानी जा रही है।

6 जिलों की सीमाओं से किया गया बाहर :

वहीँ आपको बता दें कि पुलिस कमिश्नर रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत आदेश जारी किया गया है। आदेश के मुताबिक मुस्कान रात्रे को रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलों की राजस्व सीमाओं से तीन माह के लिए बाहर रहने का निर्देश दिया गया है। जिला बदरी की अवधि के दौरान वह इन जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगी। यदि वह बिना अनुमति किसी भी प्रतिबंधित जिले में प्रवेश करती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जायेगी, ऐसे में आदतन अपराधियों के खिलाफ भी पुलिस ऐसे ही कड़े कदम उठा सकती है।

स्वतंत्र गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला :

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्यवाही केवल दर्ज मामलों के आधार पर नहीं, बल्कि स्वतंत्र गवाहों के बयान और विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर भी की गई है। जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी की गतिविधियों के कारण क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा था, कई लोग मुस्कान से खौफ खाये हुये है। पुलिस का मानना है कि जिला बदरी से उसके प्रभाव क्षेत्र को सीमित किया जा सकेगा और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण लगेगा।

नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने की कोशिश :

राजधानी में नशे की बिक्री अपने चरम पर है, इस मामले में रायपुर पुलिस का कहना है कि यह कार्यवाही केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि नशे और संगठित अपराध के पूरे नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण की रणनीति का हिस्सा है। अधिकारियों के मुताबिक क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाये जा रहे हैं। जिला बदरी जैसी कार्यवाही अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा करने और समाज में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए आवश्यक मानी जाती है। ऐसे में मुस्कान के डर के साय में जी रहे लोगों को राहत मिलेगी।

डीसीपी सेंट्रल जोन की निगरानी में हुई कार्यवाही :

पुलिस ने बताया है कि डीसीपी सेंट्रल जोन के निर्देशन में पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। आरोपी के आपराधिक इतिहास, पुलिस रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा के बाद जिला बदरी का प्रस्ताव तैयार किया गया था। प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद आदेश जारी किया गया और संबंधित जिलों को भी इसकी सूचना भेज दी गई है, ताकि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके। इसको लेकर रायपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार, संगठित अपराध और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्यवाही जारी रहेगी, राजधानी में बढ़ रही अपराधिक गतिविधियों को लेकर पुलिस भी काफी सजग है। पुलिस का कहना है कि आम नागरिकों की सुरक्षा, क्षेत्र में शांति व्यवस्था और कानून के प्रभावी पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जिला बदरी की इस कार्यवाही को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही आपको बता दें कि लंबे समय से क्षेत्र के नागरिकों, व्यापारियों और गवाहों में उसके प्रभाव को लेकर भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था।