रायपुर : मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को दी गई उपहार सामग्री को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग ने तथ्यात्मक जानकारी जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। विभागीय अधिकारियों ने बताया गया है कि कि 10 फरवरी 2026 को खड़गवां विकासखंड के चनवारीडांड में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत कुल 184 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। इस कार्यक्रम में शासन द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों और वित्तीय प्रावधानों का पालन किया गया है।
50 हजार की सहायता, डीबीटी से सीधा भुगतान :
इस योजना के तहत प्रति कन्या 50 हजार रुपये की सहायता राशि का प्रावधान है, इसमें से 35 हजार रुपये सीधे हितग्राही के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से अंतरित किये जाते हैं। शेष राशि से विवाह आयोजन, भोजन, आवास, वस्त्र, श्रृंगार सामग्री सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जाती हैं। कार्यक्रम में प्रति विवाहित जोड़े के लिए 20 अतिथियों के भोजन, वर-वधू के वस्त्र, चांदी के बिछिया-पायल, श्रृंगार सामग्री और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया गया था। जिसको लेकर विभागीय अधिकारी ने बताया है कि शासन के निर्देशों के अनुसार निर्धारित वित्तीय सीमा के भीतर ही सामग्री वितरित की गई है। चांदी के बाजार मूल्य बढ़ने के कारण स्वीकृत प्रावधानों के अनुरूप कृत्रिम मंगलसूत्र दिये गये थे।
इसके साथ ही, यदि किसी सामग्री की गुणवत्ता में कमी मिली तो संबंधित फर्म पर प्रति हितग्राही 100 रुपये की दर से कुल 18 हजार 400 रुपये की कटौती की गई है। वहीँ प्रति कन्या 1000 रुपये सीधे हितग्राहियों के खातों में अंतरित किये गये है। इस प्रक्रिया के तहत कुल 36 हजार रुपये सीधे खातों में जमा हुए और लगभग 14 हजार रुपये विवाह आयोजन व अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किए गए। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के सम्मानजनक विवाह के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक योजना है।छत्तीसगढ़ के खड़गवां ब्लॉक में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत बांटे गए आभूषणों को लेकर राजनीतिक विवाद आरंभ हो गया है। महिला कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि योजना के तहत विवाहित महिलाओं को चांदी के स्थान पर अन्य धातु से निर्मित नकली मंगलसूत्र वितरित किये गये हैं। राज्य सरकार ने चांदी की बढ़ी कीमत व स्वीकृत आर्थिक प्रविधानों को कृत्रिम मंगलसूत्र दिये जाने का कारण बताया है।
रंग उतरा तो सामने आया मामला :
10 फरवरी 2026 को खड़गवां में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 189 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। विवाह के पश्चात जब महिलाओं ने आभूषणों का उपयोग किया, तब उनके रंग और वजन में विसंगति पाई गई। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष और विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि सामग्री क्रय करने वाली एजेंसियों और अधिकारियों की लापरवाही की जांच होनी चाहिए। टेंडर प्रक्रिया की समीक्षा करने और प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानक के अनुसार आभूषण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्रति कन्या 50 हजार रुपये की सहायता राशि का प्रावधान है। इसमें 35 हजार रुपये सीधे हितग्राही के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजे जाते हैं। 15 हजार से विवाह आयोजन, 20 अतिथियों के भोजन, आवास, वर-वधू के वस्त्र, चांदी के बिछिया-पायल और श्रृंगार सामग्री की व्यवस्था की जाती है।



