विधायक ईश्वर साहू के साथ भेदभाव, योग दिवस कार्यक्रम पर पोस्टर में फोटो नहीं लगा, जताई नाराजगी।

बेमेतरा : नाम और फोटो का विवाद कोई नई बात नहीं होती है, कहीं ये दिखावे का प्रतीक होता होता है तो, कहीं सम्मान का, ऐसे में बेमेतरा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के दौरान उस समय असहज स्थिति बन गई, जब साजा विधायक ईश्वर साहू कार्यक्रम के पोस्टर में अपना फोटो नहीं होने पर नाराज होकर मंच से उठ गये थे, जिसको लेकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और जानबूझकर किया गया कृत्य बताया है। स्थिति को बिगड़ते देख अधिकारी विधायक का मान-मनौव्वल करने लगे, जिसके बाद विधायक मंच पर लौटे।

जानकारी के अनुसार, बेमेतरा जिले में तीन विधानसभा क्षेत्र : बेमेतरा, नवागढ़ और साजा आते हैं। योग दिवस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, बेमेतरा विधायक दीपेश साहू और साजा विधायक ईश्वर साहू के साथ जिले के जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे, इसी दौरान यह मामला सामने आया।

इस कार्यक्रम के लिए स्थल पर लगाए गए पोस्टर में बेमेतरा और नवागढ़ क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधियों के फोटो तो शामिल किए गए, लेकिन साजा विधायक ईश्वर साहू का फोटो नहीं लगाया गया था। इसी बात को लेकर विधायक नाराज हो गये और कार्यक्रम के दौरान मंच से उठकर चले गये। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और विधायक ईश्वर साहू को मनाया गया। काफी समझाईश के बाद वे दोबारा मंच पर लौटे और कार्यक्रम में शामिल हुये। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन की कार्यशैली, प्रोटोकॉल और जनप्रतिनिधियों के प्रति संवेदनशीलता पर चर्चा छेड़ दी है।

वहीँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस जैसे सरकारी और सार्वजनिक महत्व के कार्यक्रम में इस तरह की चूक को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि जब जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित थी, तब पोस्टर और मंचीय प्रचार सामग्री तैयार करते समय साजा विधायक की उपेक्षा कैसे हो गई। इसे प्रशासन की घोर लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है, अथवा यह किसी व्यक्ति विशेष का कृत्य है, जिसने गुटबाजी या किसी अन्य कारण को लेकर विधायक ईश्वर साहू से विरोध निकाला है। वहीँ आपको बता दें कि बिरनपुर की घटना के स्वरूप ईश्वर साहू को भाजपा से टिकट मिला था, जिसके कारण हो सकता है, यह बात किसी के गले नहीं उतर रही हो।