कांकेर : स्थानीय छत्तीसगढ़िया संस्कृति को लगातार नुकसान हो रहा है, बेतहाशा संख्या में आदिवासी और स्थानीय लोग धर्मान्तरित होते जा रहे है, जिसके कारण आपसी लोगों में ही बवाल खड़े हो रहे है, क्यूंकि धर्मान्तरण के बाद रीतिरिवाज बदल रहे है, ऐसे में लगातार विवाद पैदा हो रहा है। मामले के अनुसार कांकेर जिले में धर्मांतरित व्यक्तियों के शव दफन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाटकोंगेरा गांव के बाद अब ढेकुना गांव के ग्रामीणों ने धर्मांतरित व्यक्ति के शव दफनाये जाने का विरोध शुरू कर दिया है। इसको लेकर ग्रामीणों का कहना है कि शव को वापस निकालकर गांव से बाहर ईसाई धर्म के कब्रिस्तान में दफन किया जाये। जिसको लेकर मामले में कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन भी सौंपा गया है।
इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार, हाटकोंगेरा, ढेकुना और नारा गांव की सीमायें आपस में जुड़ी हुई हैं। हाल ही में हाटकोंगेरा के धर्मांतरित व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार गांवों की साझा सरहद पर दफनाकर किया था। इसके बाद से ही तीनों गांवों में इस मुद्दे को लेकर लगातार विरोध और बैठकों का दौर जारी है, स्थानीय लोग काफी आक्रोशित है।
इससे पहले हाटकोंगेरा में भी शव दफन को लेकर दो दिनों तक विवाद चला था। ग्रामीणों ने सरपंच पर दफन की अनुमति देने का आरोप लगाया था। यह मामला इतना बढ़ा कि सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए आवेदन भी दिया गया, जिसके बाद स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई, लेकिन अब पड़ोसी गांव ढेकुना के ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए कांकेर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। इस मामले में ग्रामीणों की मांग है कि दफन किए गए शव को गांव की सीमा से हटाकर उस स्थान पर दफनाया जाए। जहां ईसाई समुदाय का कब्रिस्तान है।
ग्रामीणों की बैठक, आंदोलन की चेतावनी :
ढेकुना गांव में इस मुद्दे पर देर रात ग्रामीणों की बैठक भी हुई है। सरपंच ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर शव को गांव की सीमा से हटाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, बता दें कि कांकेर जिले में हाल के दिनों में धर्मांतरित व्यक्तियों के शव दफन को लेकर कई गांवों में विवाद सामने आए हैं। लगातार बढ़ रहे ऐसे मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। शव दफन से जुड़े विवाद अब जिले के लिए बड़ी प्रशासनिक चुनौती बनते जा रहे हैं। इन मामलों से क्षेत्र में हर समय तनाव का माहौल बना हुआ रहता है।



